अडानी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘जीके जनरल हॉस्पिटल’ में पिछले पांच साल में एक हजार से ज़्यादा बच्चों की मौत

न्यूज़ गैलरी,

गुजरात भुज टाउन के जी के जनरल हास्पीटल में पिछले पांच वर्षों में एक हजार से भी अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है, इस बात की जानकारी गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने विधानसभा में दी,गौरतलब है कि यह अस्पताल अडानी फाउंडेशन द्वारा चलाया जा रहा है, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन मौतों के लिये विभिन्न बीमारीयां और मेडिकली दिक्कतें जिम्मेदार हैं पटेल ने अपने जवाब में बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में बच्चों की मौतों के मद्देनज़र एक समिति का गठन भी किया गया था. इस समिति ने मौतों की वजह कई बीमारियों- जैसे समय से पहले जन्मे शिशुओं में होने वाली बीमारियों, संक्रमणों और सांस संबंधी परेशानियों को बताया था.
उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि समिति की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल ने तय मानकों के अनुसार ही बच्चों का इलाज किया है.
अस्पताल की वेबसाइट के अनुसार, गुजरात अडानी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस अडानी एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन और गुजरात सरकार के बीच सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) कार्यक्रम के तहत चलता है.
इससे पहले मई 2018 में भी अस्पताल में नवजातों की मौत का मामला उठा था और राज्य सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए थे.
अस्पताल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 के शुरुआती पांच महीनों में अस्पताल में जन्मे या जन्म के बाद भर्ती कराए गए 777 नवजातों में से 111 की मौत हो गई थी.
हालांकि इसके बाद जांच समिति द्वारा क्लीन चिट दे दी गयी थी. इस तीन सदस्यीय समिति ने कहा था कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी तरह की चूक नहीं पाई गई और बच्चों की मौत के पीछे मुख्य कारण कुपोषण और नवजात शिशुओं को भर्ती कराने में हुई देरी है.
स्वास्थ्य मंत्रालय संभालने वाले उपमुख्यमंत्री पटेल ने मौत के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 2014-15 में 188, 2015-16 में 187, 2016-17 में 208, 2017-18 में 276 और 2018-19 में 159 बच्चों की मौत हुई. उन्होंने इन मौतों के लिए विभिन्न बीमारियों और अन्य चिकित्सकीय दिक्कतों को जिम्मेदार बताया.

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अडानी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस अडानी एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन जी के जनरल हास्पीटल नितिन पटेल

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