अब उत्तराखंड और एमपी में भी एकसाथ लोकसभा चुनाव लड़ेगी सपा-बसपा

लोकसभा 2019,

मायावती की बहुजन समाज पार्टी और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने आनेवाले लोकसभा चुनाव को लेकर सोमवार को उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी एक साथ चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय किया है। समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश की कुल 29 सीटों में से 3 लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी जबकि बाकी बची 26 सीटों पर बीएसपी के प्रत्याशी होंगे।

जबकि, उत्तराखंड की 5 लोकसभा सीट में एसपी एक और बीएसपी तीन सीट पर चुनाव लड़ेगी। इस बात की जानकारी अखिलेश और मायावती की तरफ से जारी संयुक्त बयान में दी गई है।

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा में सीटों की घोषणा के करीब हफ्ते भर बाद मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में सीट बंटवारे की खबर आई है। यूपी में बीएसीप 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि सपा 37 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ट्विटर पर सक्रिय हुईं बीएसपी चीफ मायावती उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार पर ट्विटर के माध्यम से हमला साधा है। उन्होंने प्रधानंमत्री मोदी की ओर से प्रयागराज में सफाईकर्मियों के पैर धोने और कुंभ में स्नान करने की तीखी आलोचना भी की है। मायावती ने पूछा कि  संगम में शाही स्नान करने और सफाई कर्मचारियों के पैर धोने से क्या मोदी सरकार के पाप धुल जाएंगे।

बसपा नेता मायावती ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ‘केवल संगम स्नान से सरकारों के पाप नहीं धुल सकते है, जनता से विश्वासघात और दूसरे सरकारी ज़ुल्म- ज्यादती खत्म हो जाएंगी। क्या नोटबंदी,जीएसटी,जातिवाद, द्वेष और सांप्रदायिकता आदि की जबरदस्त मार से त्रस्त लोग क्या बीजेपी को इतनी आसानी से माफ कर देंगे? जनता बहुत होशियार है और सब जानती-समझती है। मायावती ने दूसरा ट्वीट कर कहा कि सरकार को किसानओं और खेतिहर मजदूरों में अंतर करना चाहिए। मायावती ने कहा कि चुनाव से पहले 500 रु महीने की सहायता भूमिहीन खेतिहर मजदूरों के लिए ठीक हो सकती है, लेकिन किसानों के लिए नहीं, किसानों को मात्र 17 रु हर दिन देना बीजेपी की छोटी सोच को दिखाता है। और इस किसानों का खुला अपमान है। किसान सबसे बड़ा मेहनतकश समाज है। इनको मात्र थोड़ी सी सरकारी मदद देने की बीजेपी सरकार की सोच अनुचित व अहंकारी है। इस देश के किसान, दलित और जवान बीजेपी को माफ नहीं करेंगे। लोकसभा चुनाव के समय किसान सम्मान निधि को नोटबंदी और जीएसटी लागू जैसे अपरिपक्व कदमों की तरह लागू किया जा रहा है।

गौरतलब है कि बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया से दूरी ख़त्म कर दी और उनकी कुछ दिनों पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर एंट्री हुई है। मायावती  ने ट्विटर पर अपना आधिकारिक अकाउंट बना लिया है और इसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। हालांकि, मायावती का ट्विटर अकाउंट 2018 में ही बन गया था, मगर इस साल 22 जनवरी को उनकी सक्रिय वापसी हुई है. 22 जनवरी को मायावती ने अपना पहला ट्वीट किया और अपनी वापसी की सूचना दी। अभी तक मायानती के फॉलोवर्स की संख्या करीब एक लाख से अधिक हो गई है।

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