अब कौशल विकास केंद्रों पर उजागर हो सकता है बड़ा घोटाला!

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। श्रम विभाग ने आईटीआई संस्थानों के औचक निरीक्षण किए हैं। आइटीआइ संस्थान (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट)  राजस्थान कौशल एवं आजीविका निगम के अधीन काम करता है। इन निरीक्षण में आईटीआई संस्थानों में भारी गड़बड़ी नजर आई। आईटीआई संस्थानों के साथ साथ कौशल विकास केंद्रों के भी निरीक्षण किए गए। कौशल विकास केंद्रों ने अपनी रिपोर्ट में रोजगार का दावा किया है। परन्तु निरीक्षण की जाँच में यह सामने आया है की कागजों में जिन लोगों को रोजगार दिया गया है उन लोगों का रोजगार देने वाले नियोक्ता का कोई अस्तित्व ही नहीं है। वहीं विकास केंद्रों की रिपोर्ट में कुछ नियोक्ताओं की जानकारी दी गई है जाँच में पाया गया है की जिन प्रशिक्षुओं के रोजगार की बात कही गई है वह प्रशिक्षु वहां काम ही नहीं कर रहे।

निरीक्षण में गड़बड़ी का स्तर बहुत अधिक था। जहां 38 केंद्रों पर निरीक्षण किए गए हैं वहीं उन में से 35 केन्द्रों पर गड़बड़ी की स्थिति पाई गई। अब इन संस्थाओं पर निगम कार्रवाई करेगा। निगम ने 35 ट्रेनिंग पार्टनर्स से नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। दोषी पाए जाने पर इन केंद्रों का लाइसेंस रद्द हो सकता है और इनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है। उनकी बैच में कटौती हो सकती है। उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।

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श्रम विभाग की तरह ही निगम ने भी 32 जिलों में औचक निरीक्षण किए हैं। सौ से अधिक केंद्रों की रिपोर्ट निगम को मिल गई है। संस्थाओं में जरुरत का सामान नहीं मिलने या मौके पर किसी और एजेंसी के कार्यरत होने पर निगम ने 52 ट्रेनिंग पार्टनर्स को नोटिस भेजा है। इन संस्थाओं में गंभीर घोटालों की आशंका है।

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