अमेरिकी संसद में यह बिल पेश होने के बाद भारत का दर्जा हो जाएगा नाटो जैसा

अमेरिकी संसद में यह बिल पेश होने के बाद भारत का दर्जा हो जाएगा नाटो जैसा

न्यूज़ गैलरी,

ले पंगा न्यूज डेस्क, अशोक योगी। अमेरिकी संसद में करीब आधा दर्जन प्रभावशाली सांसदों ने अमेरिका-भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक अहम बिल पेश किया गया है। अगर यह बिल लागू होता है तो यूएस स्टेट डिपार्टमेंट भारत को नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) सहयोगी का दर्जा देगा। ‘अमेरिका ऑर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल ऐक्ट’ में भारत को नाटो सहयोगी देश के तौर पर तरजीह मिलेगी।

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम ने बताया है कि यह इस बात का प्रभावपूर्ण संकेत होगा कि रक्षा सौदों में भारत अमेरिका की प्राथमिकता में है। ये संस्थान इस पर काम कर रही है। पिछले सप्ताह सांसद जो विल्सन ने बिल एचआर 2123 पेश किया था। वह ‘हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी’ के वरिष्ठ सदस्य हैं।

विल्सन का कहना है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और क्षेत्र में स्थिरता का अहम स्तंभ है। भारत ने निर्यात नियंत्रण की नीतियों को लेकर हमेशा प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने आगे कहा है कि यूएस कानून में यह संशोधन भारतीय-प्रशांत क्षेत्र में यूएस-भारत की साझेदारी को सुरक्षा प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। मैं यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम को शुक्रिया अदा करता हूं जिसने इस विधेयक में अपना सहयोग दिया है।

एमी बेरा (यूएस कांग्रेस में सबसे ज्यादा लंबे समय तक सेवा देने वाले भारतीय-अमेरिकी) और जॉर्ज होल्डिंग (हाउस इंडिया कॉकस के उपाध्यक्ष), ब्रैड शेरमैन, तुलसी गबार्ड और टेड योहो आदि ने इस विधेयक को समर्थन दिया है।  नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन ऐक्ट, 2017 में भारतीय-अमेरिकी रक्षा साझेदारी को नजर रखते हुए भारत को यूएस के ‘प्रमुख रक्षा सहयोगी’ का दर्जा दिया गया था। इसमें भी भारत के साथ व्यापार और तकनीक साझा करने पर विशेष सहयोग और प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम ने कहा, यह बदलाव भारत-अमेरिकी के रिश्तों को संस्थागत रूप देगी और एक मजबूत नींव बनेगी जिस पर दोनों देश अपनी रक्षा साझेदारी की ऊंची इमारत खड़ी कर पाएंगे।

Tag In

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *