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आखिर? चुनाव से पहले ही हमले क्यों

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क। लोक सभा से पहले मुम्बई हमला, यूपी चुनाव से पहले उरी हमला और अब लोकसभा चुनाव से पहले पुलवामा हमला।  आखिर? यह किसका को फायदा है। ये बातें आज पश्चित बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर साधा निशानाममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ पर आतंकवादी हमला चुनाव से पहले ही क्यों हुआ? ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मोदी सरकार देश को सांप्रदायिक दंगों में झोंक देना चाहती है। क्यों चुनाव के वक्त ही ये मुद्दा गरमाया जा रहा है?  5 साल से पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?  चुनाव करीब होने के कारण पुलवामा में हमला संदेह पैदा करता है? ममता बनर्जी ने प्रेस वार्ता में बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि हमले को अंजाम देने वाले के खिलाफ केंद्र सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। अगर बीजेपी-आरएसएस ने इस मौके पर दंगे भड़काने की कोशिश करेगी, तो देश उन्हेंने माफ नहीं करेगा ये गंभीर आरोप लगा है ममता बनर्जी ने आतंकवादी हमले के खुफिया अलर्ट के बावजूद 2000 से ज्यादा जवानों को एक साथ 78 गाड़ियों के काफिले में सड़क मार्ग से क्यों ले जाया जा रहा था।पुलवामा हमला ऐन चुनाव के वक्त ही क्यों हुआ?पांच साल में सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनावों से पहले हिंसा हो सकती हैं, क्या ये सही है?जब खुफिया एजेंसियों ने पहले से अलर्ट किया था, तो सावधानी क्यों नहीं बरती गई?CRPF  ने जवानों को एयरलिफ्ट कराए जाने का आग्रह किया था, फिर ऐसा क्यों नहीं किया गया?

पहले ही मिल चुकी थी IED हमले की चेतावनीजम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक के एक पत्र से मिली जानकारी के अनुसार कश्मीर पुलिस ने आठ फरवरी को ही सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सेना और वायु सेना को आईईडी हमले की संभावना की खुफिया सूचना दे दी थी।कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक के हवाले से भेजी गई खुफिया जानकारी में सुरक्षा एजेंसियों को किसी स्थान पर जाने या तैनाती से पहले उस स्थान को सही से जांचने के लिए कहा गया था क्योंकि खुफिया जानकारी में आईईडी के उपयोग की संभावना जताई गई थी। हालांकि, इस बात का नहीं चला है कि चेतावनी जारी होने के बावजूद सीआरपीएफ ने 2,547 सुरक्षा बलों के साथ 78 वाहनों के काफिले को जम्मू स्थित आवाजाही शिविर से 270 किलोमीटर दूर स्थित श्रीनगर जाने की अनुमति क्यों दी गई

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#पुलवामा आतंकवादी हमला पश्चित बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीएसएफ बीजेपी-आरएसएस

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