आज थम जायेगा पहले चरण का प्रचार ,कई दिग्गजों की किस्मत का होगा फैसला

लोकसभा 2019,

प्रवीण कुमार। ले पंगा
लोकसभा 2019 के लिए पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा ,पहले राउंड के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार का आज अंतिम दिन है ,20 प्रदेशों में पहले चरण की 91 लोकसभा सीटों में पर मतदान होगा . इ 91 लोकसभा सीटों में तमाम ऐसी सीटें हैं जिस पर कई बड़े नेता चुनावी मैदान में हैं. पहले चरण में केंद्रीय नितिन गडकरी, चौधरी अजित सिंह, वीके सिंह और जयंत चौधरी समेत 10 वीवीआईपी कैंडिडेट्स की किस्मत का फैसला हो जायेगा

गुरुवार 11 अप्रैल को देश में लोकसभा के पहले चरण का चुनाव होना होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर से कांग्रेस उम्मीदवार नाना पटोले से मुकाबला करेंगे ,नागपुर सीट पर 2014 में गडकरी ने ढाई लाख वोटों से जबरदस्त जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार नाना पटोले काँटे से उनका कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है ,कुनबी समाज के अलावा अल्प संख्यक समुदाय का वोट नाना को मिल सकते है ,लेकिन आरएसएस के गढ़ नागपुर में नितिन गडकरी को मात देना मुश्किल है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह गाजियाबाद से अपनी किस्मत आजमा रहे है ,उनका मुकाबला कांग्रेस की डॉली शर्मा और गठबंधन उम्मीदवार सुंरेश बंसल से है.त्रिकोणीय मुकाबले में यहां भी काँटे की टक्कर होने की संभावना है ,पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र आर एल डी प्रत्याशी चौधरी अजित सिंह का मुकाबला बीजेपी के संजीव बाल्यान से होगा ,जाट बहुल इस सीट पर 2014 में अजित सिंह मोदी लहर में हार गए थे ,पर इस बार मुकाबला जोरदार होने की संम्भावना है अजित सिंह के समर्थन में सपा बसपा के होने से मुसलमान ,जाट ,और अन्य वोटों के मिलने की उम्मीद अजित सिंह को है ,सूत्रों की मने तो इस बार अजित सिंह की पोजीशन बेहतर है.

आरएलडी संस्थापक चौधरी अजीत सिंह मुजफ्फरनगर सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. उनका सीधा मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी संजीव बाल्यान से है. इस सीट पर मुसलमान, जाटव और जाट वोट बैंक का अच्छा खासा प्रभाव है. SP, BSP और RLD गठबंधन के चलते इस सीट पर उनका पलड़ा भारी दिखता है. चौधरी अजीत सिंह जाटों के बड़े नेता माने जाते हैं, हालांकि वह पिछला चुनाव मोदी लहर में हार गए थे.

राष्ट्रीय लोक दल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पार्टी को राजनीति विरासत में मिली है. उनके बाबा स्‍व. चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री रह चुके हैं जबक‍ि पिता अजित सिंह केंद्रीय मंत्री का पदभार संभाल चुके हैं. इस बार SP-BSP और RLD गठबंधन के बैनर तले जयंत चौधरी बागपत संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. बागपत आरएलडी का गढ़ है, उनके पिता अजित चौधरी यहां से कई बार सांसद रह चुके हैं. जयंत 15वीं लोकसभा में मथुरा से सांसद रहे हैं. लोकसभा चुनाव 2014 में वह मथुरा से हेमा मलिनी के सामने हार गए थे.

चिराग पासवान एनडीए गठबंधन के तहत बिहार की जमुई लोकसभा सीट से चुनावी रण में हैं. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) नेता चिराग पासवान 2014 में जमुई सीट (सुरक्षित) से चुनाव लड़े और करीब 80 हजार वोटों से जीतकर संसद पहुंचे. इस बार चिराग पासवान का मुकाबला महागठबंधन के तहत रालोसपा उम्मीदवार भूदेव चौधरी से है. चिराग पासवान लोजपा अध्यक्ष राम बिलास पासवान के बेटे हैं.
6- जीतनराम मांझी

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के मुखिया जीतनराम मांझी बिहार के गया संसदीय से चुनाव लड़ रहे हैं. जीतन राम मांझी की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और वीआईपी महागठबंधन के साथ मिलकर लड़ रही है. गया सीट पर मुख्य मुकाबला राजग और महागठबंधन के बीच ही माना जा रहा है. 2014 के चुनाव मे जीतन राम मांझी जेडीयू के टिकट पर चुनावी मैदान में थे और जीतन राम मांझी को 1,31,828 वोट से ही संतोष करना पड़ा था.वह तीसरे नंबर पर रहे.

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा इस बार गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) से चुनावी रण में है, उनकी किस्मत यहां होने वाले त्रिकोणीय मुकाबले में दांव पर लगी है. कांग्रेस ने अरविंद कुमार सिंह को जबकि सपा-बसपा-रालोद गठबंधन ने यहां बसपा के सतवीर को संयुक्त रूप से अपना उम्मीदवार बनाया है. इस संसदीय क्षेत्र से दो निर्दलीय सहित कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं.

2014 में AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद से लगातार तीसरी बार लोकसभा सांसद चुने गए. अब एक बार फिर असदुद्दीन ओवैसी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं, वो मुसलमानों के बड़े चेहरे हैं. हैदराबाद लोकसभा सीट पर अब तक कुल 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से आठ बार AIMIM ने जीत दर्ज की.

मेरठ सीट महागठबंधन में बसपा को मिली है. इस सीट पर बीएसपी ने हाजी याकूब कुरैशी को उम्मीदवार बनाया है. हाजी याकूब कुरैशी बढ़ापुर से विधायक भी हैं. इस बार एसपी-बीएसपी-आरएलडी के संयुक्‍त उम्‍मीदवार के रूप में हाजी याकूब कुरैशी बीजेपी के कड़ी चुनाैती दे रहे हैं. इस सीट पर हाजी याकूब कुरैशी का मुख्य मुकाबला बीजेपी के राजेन्द्र अग्रवाल और कांग्रेस के हरेंद्र अग्रवाल से है.

कभी बीएसपी में नंबर दो रहे नसीमुद्दीन सिद्दी इस बार यूपी की बिजनौर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. बसपा ने इस सीट पर मलूक नागर और बीजेपी ने कुंवर भारतेंदु सिंह को उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है.

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