इंदौर में विधायक ने की सरकारी कर्मचारी से मारपीट, पुलिस ने लिया हिरासत में

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ले पंगा न्यूज़ डेस्क, मोनिका सोनी। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर-तीन से विधायक आकाश विजयवर्गीय को इंदौर पुलिस ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में ले लिया है। गुरुवार को आकाश विजयवर्गीय की जमानत के लिए याचिका दर्ज़ की गयी मगर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उसपर सुनवाई का फैसला लिया है। बता दें कि बुधवार को नगर निगम अधिकार एक पुराने और जर्जर मकान को ढहाने के लिए गए थे और इसी बीच उनकी विधायक आकाश विजयवर्गीय से कहा सुनी हो गयी। कहासुनी इतनी आगे बढ़ गयी कि विधायक आकाश विजयवर्गीय ने बल्ले से नगर निगम कर्मचारी की पिटाई कर दी।

ख़बरों के मुताबिक, पिछले साल भाजपा सरकार के कार्यकाल में इंदौर नगर निगम ने सब मकान मालिक को चेतावनी नोटिस ज़ारी किया था जिसमे जितने भी पुराने मकान हैं और तेज बारिश के दौरान कभी भी ढह सकते हैं उनसब को नगर निगम द्वारा ढहा दिया जायेगा। इस नोटिस के आधार पर जब नगर निगम कर्मचारी मकान ढहाने पहुंचे तो आकाश विजयवर्गीय ने कहासुनी में नगरनिगम कर्मचारी की पिटाई कर दी। इस घटना के चलते नगर निगम ने अपने 21 कर्मचार्री को बर्ख़ास्त कर दिया क्योंकि बाकी के कर्मचारी मार खाते हुए कर्मचारी के समर्थन में सामने नहीं आये। बाद में पुलिस द्वारा आकाश विजयवर्गीय पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353, 294, 323 506, 147, 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बहरहाल पुलिस ने आकाश विजयवर्गीय की जमानत पर भी आपत्ती जताते हुए कहा कि विधायक ने सरकारी कर्मचारी के साथ बहुत गलत व्यवहार किया। उस के साथ मारपीट की, उसे अपशब्द कहे, और सरकारी कार्य में रुकावट का कारण बने। ऐसे मामलों में अगर जमानत मिलती है तो इससे सरकारी अफसर, कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा। नगर निगम ने भी आकाश की जमानत का विरोध किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत देने से मना कर दिया।

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