इन देशों में मृत व्यक्ति का ऐसी परम्पराओं के साथ किया जाता है अंतिम संस्कार

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ले पंगा न्यूज़, मोनिका सोनी। अपनी दुनिया के अलग-अलग देशों में कई तरीके की परम्पराएं प्रचलन में रहती है। इन्ही परम्पराओं में मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए अलग-अलग देशों में अलग-अलग परम्पराएं प्रचलन में हैं। हमारे हिन्दुस्तान में हिन्दू धर्म में मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शव को जलाने की मान्यता है वहीँ उर्दू धर्म में शव को दफ़नाने की मान्यता है। मग़र चीन, फिलिपींन्स, इंडोनेशिया, वियतनाम और तिब्बत जैसे देशों में अंतिम संस्कार करने की अलग मान्यता सामने आयी हैं।

चीन और फिलीपींस में मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार में परिजन उसके शव को ताबूत में बंद कर ऊँची चट्टानों पर टांग देते हैं उनका मानना है कि इस मान्यता से मृत व्यक्ति की आत्मा सीधे स्वर्ग में जाती है।

इंडोनेशिया में मृत व्यक्ति को मृत नहीं माना जाता है उनको लगता है कि मरने वाला शख्स मरा नहीं है वो अभी भी ज़िंदा है बस वो गहरी नींद में सो रहा है। जिसके चलते वहां परिजनों को मृत व्यक्ति के लिए आंसू बहाने के लिए प्रतिबंध है।

वियतनाम में किसी व्यक्ति के मृत्यु पर उसके अंतिम संस्कार में उसके घर का बड़ा बेटा बड़ी बेटी अपने सारे कपड़ो को उतार कर हवा में लहराते हैं और मृत व्यक्ति के नाम को लेकर उसे पुकारते हैं। माना जाता है कि, ऐसा करने से मृत व्यक्ति की आत्मा वापस उसके शरीर में प्रवेश कर लेती है।

तिब्बत के बौद्ध समुदाय में मृत व्यक्ति के शरीर के टुकड़े कर अंतिम संस्कार के दौरान गिद्धों को खिला दिया जाता है। इस परंपरा को नियिंगमा परंपरा (स्काई बुरियल) के नाम से भी जाना जाता है। तिब्बत के बौद्ध समुदाय में यह माना जाता है कि मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार में उसके शरीर को गिद्धों को खिलाने से गिद्धों की ऊँची उड़ान के साथ मृत व्यक्ति की आत्मा भी स्वर्ग में पहुँच जाती है।

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