इस कारण यहां के लोगों दशहरे पर करते है महापंडित, महाज्ञानी रावण की पूजा!

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ले पंगा न्यूज डेस्क, धीरज सैन। आज देशभर में विजयदशमी यानी दशहरे का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस त्यौहार पर जैसे ही शाम होती है आतिशबाज़ी के साथ-साथ रावण के पुतले का भी दहन किया जाता है।

इसी बीच बता दें कि दशहरे पर हर जगह रावण दहन किया जाता है। वहीं, एक जगह ऐसी भी है जहां पर महापण्डित, महाज्ञानी, विद्वान दशानंद यानी रावण की पूजा की जाती है। जी हां मंडला जिले के वन ग्राम डुंगरिया में रावण को गोंडवाना साम्राज्य का महासम्राट और अपना पूर्वज समझकर विजयदशमी यानी दशहरे के दिन रावण के जयकारों के साथ पूजा की जाती है।

वहीं, सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार बता दें कि कानपुर के कैलाश मंदिर ​परिसर में भी रावण का मंदिर स्थित है, जो केवल दशहरे के दिन ही खुलता है और इसी दिन महापण्डित रावण की पूजा की जाती है। रावण की पूजा के पीछे के कारण को बताया कि रावण काफी विद्वान, महाज्ञानी, शास्त्रों का जानने वाला और पराक्रमी था। साथ ही अनेक विद्याओं का महापंडित था। इसलिए आज के दिन रावण की विद्वता और पराक्रम के गुणों की पूजा जाती है।

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