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उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, यूएन की शरण में पाकिस्तान

एयर स्ट्राइक,

ले पंगा न्यूज़ डेस्क । जिसकी दो कौड़ी की औकात नहीं है वो पाकिस्तान आज भारत को आंखें दिखाने से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन द्वारा जम्मू कश्मीर के पुलवामा में किये आतंकी हमले में भारत के लगभग 44 जवान शहीद हो गये थे। जिसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। विश्वभर के देश भारत के साथ आ खड़े हुए हैं तो साथ ही पाकिस्तान को चौतरफा आलोचना भी झेलनी पड़ रही है। इस तनाव के बाद पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की शरण में पहुंचा है और इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार कर रहा है।

भारत-पाक में तनाव कम करने में दखल दें यूएन – पाकिस्तान

पाकिस्तानी आतंकी संगठन द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ ही पाकिस्तान का इस हमले में सीधा हाथ होना साफ हो गया था। इसके बाद भारत-पाक सीमा पर भी तनाव की स्थिति बन गई और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रूख पर भारत के साथ ही विश्व के कई देश भी पाकिस्तान के विरोध में आ खड़े हुए हैं। जिसको लेकर पाकिस्तान की नींद उड़ गई है और लगातार उसे युद्ध का डर सताने लगा है। मोदी सरकार की सेना को खुली छुट के बाद तो पाकिस्तान के होश उड़े हुए हैं। अब पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की शरण में पहुंचा है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को पत्र भेजकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से गुहार लगाई है कि वे दोनों देशों के बीच के तनाव को कम करने के लिए हस्तक्षेप करें।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के अनुसार विदेश मंत्री कुरैशी ने अपने पत्र में लिखा,

” मैं भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ बल प्रयोग के खतरे के कारण हमारे क्षेत्र में खराब हो रहे सुरक्षा हालात की ओर आपका ध्यान आकर्षित करता हूं। भारत ने कश्मीर मामले पर किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को नकार दिया है और वह कहता आया है कि भारत एवं पाकिस्तान के संबंधों से जुड़े सभी मामलों को द्विपक्षीय तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। “

भारत द्वारा सिंधु जल संधि तोड़ने का पाकिस्तान को डर

संयुक्त राष्ट्र को लिखे पत्र में पाकिस्तान विदेश मंत्री कुरैशी ने हमले का जिक्र करते हुए बताया है कि आत्मघाती हमला करने वाला कश्मीरी था और यह बात खुद भारत भी कह चुका है। भारत द्वारा पाकिस्तान को हमले का जिम्मेदार ठहराना बेतुकी बात है। साथ ही यह भी लिखा कि भारत राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान विरोधी बयानबाजी कर तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है। पाकिस्तान को यह भी डर सता रहा है कि भारत सिंधु जल संधि तोड़ने का कदम उठा सकता है। यूएन से दोनों देशों में तनाव को कम करने के लिए हस्तक्षेप के साथ इस हमले की मुक्त एवं विश्वसनीय जांच करने की भी अपील की है। वहीं विदेश मंत्री कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र से अपील कर कहा कि, ‘ आप भारत से तनाव को और बढ़ाने से बचने और हालात शांत करने की खातिर पाकिस्तान एवं कश्मीरियों से बातचीत करने को कह सकते हैं। ’

विदेश मंत्री ने अनुरोध किया कि यह पत्र सुरक्षा परिषद और महासभा के सदस्यों के पास भी भेजा जाए।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकियों द्वारा आत्मघाती हमले को अंजाम दिया गया। इसके तुरंत बाद पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ले ली। जिसके बाद इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने पर मुहर लग गई। मामला बढ़ते हुए भारत-पाक सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई और दोनों देशों द्वारा अपने-अपने उच्चायुक्तों को वापस बुलाया गया। जिसके बाद से पाकिस्तान की सिटी-पीटी गुम है, उसे लगातार भारत द्वारा हमले का डर सता रहा है और वो अब यूएन की शरण में गिड़गिड़ाने पहुंचा है।

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