करारी हार के बाद कांग्रेस का पुराना टकराव उभरा, गहलोत पायलट पर झाड़ रहे पल्ला

राजनीति,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राजस्थान में अब पल्ला झाड़ अभियान शुरू हो गया है। बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बेटे वैभव गहलोत की जोधपुर से हार को लेकर कहा है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

गौरतलब है कि राजस्थान की कुल 25 सीटों में से कांग्रेस एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई। इतना ही नहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता व पहले भी कई बार राज्य के सीएम रहे चुके वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को भी करारी हार का सामना करना पड़ा। ध्यान देने की बात यह है कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव उस बूथ पर भी हार गए जिस पर उनके पिता ने वोट ड़ाला था।

पायलट ले मेरे बेटे की हार की जिम्मेदारी – गहलोत

बता दें कि हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा है कि, ‘पायलट साहब ने कहा था कि मेरा बेटा वैभव गहलोत जोधपुर सीट से बड़े अंतर से जीतेगा। इस लोकसभा क्षेत्र में हमारे छह विधायक हैं और हमारा चुनावी प्रचार भी वहां शानदार रहा। इसलिए मुझे लगता है कि कम से कम उन्हें (पायलट) तो इस सीट की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। जोधपुर संसदीय सीट का पूरा पोस्टमॉर्टम किया जाना चाहिए कि आखिर हम वहां जीते क्यों नहीं?’ गहलोत ने आगे कहा कि पायलट ने भरोसा दिलाया था कि जोधपुर सीट कांग्रेस जीत रही है इसके बाद ही वैभव को टिकट दिया गया था। लेकिन हम सभी सीटें हार गए। इसमें अगर कोई कहता है कि सीएम या पीसीसी को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए तो मेरा मानना है कि ये सब की जिम्मेदारी है।

पुराना टकराव आया सामने

राजस्थान की राजनीति में ये बात किसी से छीपी नहीं है कि राजस्थान की कांग्रेस दो खेमें में बंटी हुई है। जब विधानसभा के चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस को जीत मिली थी उस समय भी मुख्यमंत्री के पद लिए दोनों खेमें की खींचतान काफी चर्चा का विषय रही थी। इसके बाद अंत में गहलोत को मुख्यमंत्री तो पायलट को उपमुख्यमंत्री का पद देकर पार्टी के बड़े नेताओं ने दोनों को मना लिया था। अब लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस की करारी हार के बाद भी पायलट खेमें के समर्थकों ने आवाज उठाई थी की गहलोत के सीम बनने के बाद उनकी कार्यशैली के कारण यह हार मिली है। इसलिए पायलट को सीएम बनाया जाए। इन सब बातों को देखते हुए लग रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का जो ये टकराव चला आ रहा है वो एक बार फिर से उभर कर सामने आ रहा है। बता दें की हार के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी प्रदेश में कांग्रेस की करारी हार को लेकर पायलट व गहलोत से काफी नाराज नजर आए थे।

बता दें कि अशोक गहलोत के पुत्र वैभव केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से चार लाख वोटों के अंतर से जोधपुर सीट से चुनाव हारे हैं। यहां तक कि सरदापुरा विधानसभा क्षेत्र में, जो 1998 से गहलोत की सीट रही है और जब वे पहली बार प्रदेश के सीएम बने, वैभव लगभग 19,000 वोटों से पीछे थे।

Tag In

#ashokgehlot #congress 2019 #RAJASTHAN #sachinpilot loksabha-2019

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *