कांग्रेस ग़रीबी, बेरोजगारी के मुद्दों से लड़ेगी लोकसभा चुनाव

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क अशोक योगी। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के उग्र राष्ट्रवाद को टक्कर देने के लिए किसानों, गरीबी और बेरोजगारी जैसे आम जनता से जुडे मुद्दों को आगे लाने का निर्णय किया है। कांग्रेस ने पुलवामा आतंकवादी हमला और बालाकोट में भारतीय वायु सेना के हमले के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साधा था। बीजेपी को क़रारा जवाब देते हुए मंगलवार को कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गँधी ने अहमदाबाद में पार्टी कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ता से आम जनता के मुद्दों को सामने लाएं को कहा है। इस बैठक में पार्टी ने अपना स्टैंड तो साफ़ कर ही दिया है, कार्यकर्ताओ को भी साफ़ संकेत है कि राष्ट्रवाद के मुद्दे पर रक्षात्मक मुद्रा में आने के बजाय वे बीजेपी से पाँच साल के उसके कामकाज पर सवाल पूछें।

कांग्रेस ने बढ़ती बेरोज़गारी पर मोदी सरकार को घेरा

अहमदाबाद की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कृषि विकास पर बात की और पिछड़ते औद्योगिक विकास और बढ़ती बेरोज़गारी पर मोदी सरकार को घेरा। सोनिया गाँधी ने कहा कि मोदी सरकार की ग़लत नीतियों का ख़ामियाज़ा लोगों को भुगतना पड़ा है। इस बैठक और रैली की एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि कांग्रेस ने अनुसूचित जातियों, जनजातियों और पिछड़ों के मुद्दों को एक बार फिर सामने लाने और उन मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति साफ़ कर दी। इस बैठक में प्रियंका गाँधी ने कहा था कि ‘जागरुकता से बड़ी देशभक्ति नहीं हो सकती। आपकी जागरुकता ही आपका हथियार है। आपका वोट ही आपका हथियार है। यह ऐसा हथियार है जो आपको मजबूत बनाता है। इस साफ दिखाई दे रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों को आम मुद्दों पर जागरूक बनाएँ और उन्हीं मुद्दों पर लोगों से वोट देने को कहें। जिससे बीजेपी बड़ी होशियारी से उन मुद्दों को पीछे धकेलने में कामयाब हो रही थी, जिन पर कांग्रेस ने उसे निशाने पर लिया था। इनमें रफ़ाल सौदा और बेरोज़गारी दो बड़े मुद्दे हैं। पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी ने बीते दिनों कहा था कि कांग्रेस सत्ता मे आई तो आयकर नहीं चुकाने वालों को आमदनी के हिसाब से पैसे दिए जाएँगे। जैसे मुद्दे को उछाला था। कांग्रेस कार्यसमिति ने न्यूनतम आमदनी योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे कर इस सवाल पर मुहर लगा दी।

मोदी घुमा रहे है मुद्दों को

इन दोनों मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधा जवाब देने के बजाय’ मुद्दों को घूमा रहे है। पुलामावा हमले के बाद बीजेपी ने जिस तरह मारे गए आतंकवादियों की तादाद पर दावे किए, और उसके दावे ग़लत साबित होने लगे थे, तब बीजेपी ने इसे सीधे सैनिकों से जोड़ कर कहने लगी कि विपक्ष सैनिकों पर सवाल खड़े कर रहा है, और विपक्ष पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है। इस तरह के तीखे हमलों का जवाब कांग्रेस के पास नहीं था। जिससे लग रहा था कि राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बीजेपी के सामने वह बिल्कुल नहीं टिक सकती। इसकी काट के रूप में कांग्रेस ने ग़रीबी,बेरोजगारी को मुद्दा बनाया जा रही है।

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