केंद्रीय मंत्री की फिर फिसली जुबान…प्रियंका के लिए ये क्या कह दिया

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क, प्रीति दादूपंथी। सुचिता, सुनित और नीति की बात करने वाले साथ ही महिला सम्मान और सशक्तिकरण पर बोलने वाली भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की मानसिकता प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरने के बाद डगमगाने लगी है। बीजेपी सांसद या विधायक अपने-अपने स्तर पर बेमतलबी चुनावी बयानबाजी करके भाजपा का ही नुकसान करवा रहे है। नवनियुक्त कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को ‘पप्पू की पप्पी’ कहने में तनिक भी संकोच नहीं हुआ क्रेंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने यह विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरने एक बार फिर कामयाब हो गये है। इस बार उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर बयान दिया है, जिसमें प्रियंका को पप्पू की पप्पी बताया है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मायावती, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को लेकर विवादास्पद बयान दिया है।

मजबूत सरकार नहीं चाहते ये लोग

उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि, ‘अगर ममता बनर्जी यहां आकर कथक नाच करने लगे और कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी यहां आकर गीत गाने लगें तो कौन सुन रहा है? इन्हीं लोगों ने इस मिट्टी के किसान के लाल और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह दुर्गति की थी। पहले सरकार बनवा दी और पीछे से समर्थन खींच लिया। ये मजबूत सरकार नहीं चाहते, ये कमजोर सरकार ही चाहते हैं। अगर ये 10-5 सीटें जीत जाएं, वही गनीमत है।’

पप्पू बेचारा पप्पू ही रह गया

इस दौरान केंद्रीय मंत्री शर्मा ने कहा, ‘वे साथ ही कहते है कि हम हमारे पप्पू का साथ लेंगे, पप्पू बेचारा पप्पू ही रह गया। उस दिन हम भी संसद थे, मोदी जी सामने बैठे थे और उनसे एक लाइन पीछे हम बैठे थे। क्या आंख मारी थी, मैं भी पीछे बैठा हुआ कायल हो गया। पप्पू कहता है कि मैं प्रधानमंत्री बनूंगा, लेकिन अब तो पप्पू की पप्पी भी आ गई। क्या पहले प्रियंका गांधी इस देश की बेटी नहीं थीं…क्या कांग्रेस की बेटी नहीं थीं?…क्या सोनिया परिवार की बेटी नहीं थीं? क्या नया लेकर आई हैं। पहले नेहरू, फिर राजीव गांधी, फिर संजय गाधी, फिर राहुल गांधी, फिर प्रियंका गांधी और कोई और भी अंदर होतो तो वो भी गांधी होगी। देश पर तुम लोगों ने कोई अहसान कर रखा है क्या? इन सबसे ऊपर उठकर देखना है तो आज हमारा शेर नरेंद्र मोदी खड़ा है।’

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा से पहले बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी प्रियंका गाधी के लिए विवादित बयान दिया था। सक्रिय राजनीति में प्रियंका गांधी वाड्रा की एंट्री पर अभिनेत्री करीना कपूर और सलमान खान जैसे सितारों से तुलना करते हुए कहा था कि कांग्रेस “चॉकलेटी चेहरों” के बूते अगला लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था, ‘कभी कोई कांग्रेस नेता मांग करता है कि करीना कपूर को भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़वाया जाये, तो कभी इंदौर से चुनावी उम्मीदवारी को लेकर सलमान खान के नाम पर चर्चा की जाती है। इसी तरह प्रियंका को कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में ले आया जाता है। अगले लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारने के लिये कांग्रेस के पास मजबूत नेता नहीं हैं। जिसके चलते वह ऐसे चॉकलेटी चेहरों के माध्यम से चुनाव लड़ना चाहती है।’ इसके साथ ही पूर्वी उत्तरप्रदेश की प्रभारी कांग्रेस महासचिव के रूप में राजनीतिक मुख्यधारा में प्रियंका के प्रवेश को लेकर विजयवर्गीय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाये थे। भाजपा महासचिव ने कहा, “अगर कांग्रेस में राहुल की अगुवाई के प्रति आत्मविश्वास होता, तो प्रियंका को सक्रिय राजनीति में नहीं लाया जाता।”

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