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क्या आपने कभी सोचा कि क्या बला होती है ये आचार संहिता, अगर नहीं तो यह खबर जरूर पढ़ें

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क, देवेन्द्र कुमार। आपने चुनावों के समय में आचार संहिता का नाम जरूर सुना होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि क्या होती है ये आचार संहिता। चाहे वो लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव एक बात सुनने को मिलती है कि आचार संहिता लागू हो गई। चलिये आपको बताते हैं कि आखिर क्या होती है ये आचार संहिता……

क्या होती है आचार संहिता

लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव इन चुनावों को शांति पूर्वक पूरा करवाने का काम चुनाव आयोग का होता है। चुनाव आयोग चुनावों की तारीखों की घोषणा करता है। चुनाव से पहले चुनाव आयोग कुछ दिशा निर्देश जारी करता है। जब तक चुनाव खत्म नहीं हो जाते तब तक हर पार्टी व उसके उम्मीदवारों को इन निर्देशों का पालन करना होता है। इन निर्देशों को आचार संहिता कहा जाता है। अर्थात् कह सकते हैं कि देश में स्वंतत्र व निष्पक्ष रूप से चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए नियम आचार संहिता कहलाते हैं।
जानिए क्या हैं वो नियम जो आयोग जारी करता है –
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव से पहले जारी किए जाने वाले नियमों को हम बिंदूवार नीचे बता रहे हैं…..

  1. चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार आचार संहिता लागू हो जाने के बाद से सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं।
  2. आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता जिससे किसी विशेष दल को फ़ायदा पहुंचता हों।
  3. सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है।
  4. आचार संहिता लगने के बाद सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं।
  5. किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली या जुलूस निकालने या चुनावी सभा करने के लिए पुलिस से अनुमति लेनी होती है।
    6 कोई भी राजनीतिक पार्टी जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट नहीं मागं सकती है।
  6. जिस मतदाता के पास चुनाव आयोग द्वारा जारी मान्य पास होगा वो ही पोलिंग बूथ पर जा सकेगा।
  7. चुनाव आयोग हर पोलिंग बूथ के बाहर एक निरीक्षक तैनात करेगा ताकि अगर आचार संहिता का कोई उल्लंघन कर रहा है तो उसकी शिकायत उनके पास की जा सके।
  8. इस दौरान सत्ताधारी पार्टी के मंत्रियों को किसी भी तरह की आधिकारिक दौरे की मनाही होगी, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपनी आधिकारिक दौरे पर चुनावी प्रचार ना करें। उन्हें किसी तरह के लोक लुभावने वादे नहीं करने होंगे। सार्वजनिक स्थानों पर किसी तरह का एकाधिकार नहीं होगा।
    आचार संहिता का पालन नहीं करने पर हो सकती है जेल
    आचार संहिता का उल्लंघन करने पर चुनाव आयोग दोषी को उचित दंड देने का अधिकार भी रखता है। यदि कोई राजनीतिक पार्टी या प्रत्याशी आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो आयोग उस पर नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। जिसमें उम्मीदवार की उम्मीदवारी को रद्द करने से लेकर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने तक का प्रावधान है। इसके अलावा जेल भी हो सकती है।

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