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क्या महागठबंधन का नया समीकरण बनेगा चिराग पासवान के लिए चुनौती

लोकसभा 2019,

“2014 के चुनाव में बीजेपी की सहयोगी एलजेपी के चिराग पासवान ने आरजेडी के सुधांशु शेखर भास्कर को हराया था। लेकिन महागठबंधन का नया समीकरण चिराग पासवान के लिए लोकसभा चुनाव में एक चुनौती बन सकता है। जमुई सीट 2008 में परिसीमन के बाद पुन: अस्तित्व में आई। जिसके बाद 2009 के चुनाव में जेडीयू के भूदेव चौधरी ने आरजेडी के श्याम रजक को 30 हजार मतों से हराया था।”

ले पंगा न्यूज डेस्क। राजनैतिक पार्टियों द्वारा जाति आधारित राजनीति कोई बड़ी और नई बात नहीं है। इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई देता है बिहार में, जहां जाति आधारित राजनीति होना आम है। हालांकि लोकसभा चुनाव की आहट मिलने के साथ ही सभी पार्टिया जातियों के नाम पर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुट गए हैं। भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)हो या राष्ट्रीय जनता दल नीत महागठबंधन, दोनों गठबंधनों के बीच पिछड़े वर्ग से आने वाले मतदाताओं को लुभाने की होड़ दिखाई दे रही है।

जमुई लोकसभा सीट सुरक्षित सीट है, 2014 में यहां से एलजेपी के चिराग पासवान सांसद चुने गए। चिराग पासवान रामविलास पासवान के बेटे हैं। चिराग ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर सियासत में कदम रखा और जमुई से जीतकर लोकसभा पहुंचे।

बिहार का जमुई जिला मुंगेर प्रमंडल का एक प्रमुख केंद्र है। जमुई जिला ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने जमुई जिले के उज्जिहवलिया नदी के तट पर स्थित जूम्भिकग्राम में दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ था। जमुई का ऐतिहासिक पाल,गुप्त और चन्देल शासकों से जुड़ा हुआ है। इस स्थान का संबंध महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। पटना से करीब 161 किलोमीटर की दूरी पर जमुई स्थित है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

जमुई लोकसभा सीट तीन जिलों मुंगेर, शेखपुरा और जमुई के इलाकों को मिलाकर बना है। समय-समय पर परिसीमन के साथ ही जमुई सीट का अस्तित्व भी बनता-बिगड़ता रहा है। 1962 में पहली बार जमुई सीट पर चुनाव हुआ। 1962 और 1967 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की। वहीं 1971 में सीपीआई के भोला मांझी यहां से चुनाव जीतने में सफल रहे। वहीं 2002 के परिसीमन के बाद 2008 में जमुई सीट फिर से अस्तित्व में आई।

जमुई सीट का समीकरण

जमुई सुरक्षित सीट पर वोटरों की कुल संख्या 1,404,016 है. इसमें से महिला मतदाता 651,501 हैं जबकि 752,515 पुरुष मतदाता हैं.

विधानसभा सीटों का समीकरण

जमुई संसदीय क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं,जिसमें तारापुर, शेखपुरा, सिकंदरा, जमुई, झांझा और चकई आते है। इनमें से 4 विधानसभा सीटें जमुई जिले में आती हैं, जबकि एक मुंगेर और एक शेखपुरा जिले में। 2015 के विधानसभा चुनाव में 6 सीटों में से 2-2 सीटें जेडीयू-आरजेडी के खाते में जबकि 1-1 सीट बीजेपी और कांग्रेस के खाते में आई थी।

2014 चुनाव का जनादेश

2014 के लोकसभा चुनाव में जमुई सीट से एलजेपी उम्मीदवार और रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने अपने प्रतिद्वंदी और आरजेडी उम्मीदवार सुधांशु शेखर भास्कर को 85,947 मतों से हराया था। एक्टिंग छोड़ सियासत में उतरे चिराग पासवान को 2,85,352 वोट मिले, जबकि आरजेडी के सुधांशु शेखर भास्कर को 1,99,407 मत मिले। वहीं जेडीयू उम्मीदवार तथा बिहार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी 1,98,599 वोट हासिल कर तीसरे पर रहे।।

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

2014 में चुनाव जीतकर चिराग पासवान जमुई के सांसद बने। आपकों ता दें कि चिराग मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में भी हाथ आजमा चुके हैं। एक्टर के बाद 2014 के चुनाव से चिराग ने सियासत में अपनी नई पारी की शुरुआत की और जमुई से जीतकर 16वीं लोकसभा के सदस्य बने. चिराग पासवान ने कंप्यूटर साइंस में बी-टेक तक की पढ़ाई की है। 16वीं लोकसभा के दौरान चिराग पासवान ने 18 बहसों में हिस्सा लिया, साथ ही विभिन्न मुद्दों से जुड़े 81 सवाल उन्होंने संसद में पूछे।

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