गुनहगार के खिलाफ कार्रवाही न होने पर रेप पीड़िता ने थाने में लगाई आग, उपचार के दौरान हुई मौत

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ले पंगा न्यूज डेस्क, प्रियंका शर्मा। रविवार को राजधानी जयपुर के वैशाली नगर थाने में रेप पीड़िता ने खुद को केरोसिन डालकर आग लगा ली. जी हाँ आग से गंभीर रूप से झुलसी महिला को एसएमएस के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार यानी आज अल सुबह 4:30 बजे उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया. पीड़िता रेप मामले में कार्रवाई नहीं होने से बेहद परेशान थी.

बता दे कि, कंचन विहार निवासी इस महिला ने करीब एक माह पहले फतेहपुर शेखावाटी स्थित कारंगाछोटा निवासी रविन्द्र सिंह के खिलाफ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था. मामले में पीड़िता ने बताया था कि पति आर्मी में जम्मू कश्मीर में तैनात थे. आरोपी मर्तका के गांव के नजदीक का है. करीब चार साल पहले वह पति के साथ घर आया था. इसके बाद वह आए दिन घर में किसी न किसी बहाने आने लगा. एक दिन आरोपी उसे किसी काम से बाहर ले गया और दोस्त के क्वार्टर पर ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया.

फिर बेहोश होने पर महिला के साथ दुष्कर्म किया और वीडियो क्लीप बना ली. इसके बाद क्लीप को वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म करने लगा. पति आर्मी से रिटायरमेंट लेकर घर आया तब उसे सारा घटनाक्रम पीड़िता ने बताया. इसके बाद आरोपी के खिलाफ इसी साल जून माह में मामला दर्ज कराया गया था.

दरअसल इसी घटना से आहत पीड़िता रविवार शाम को अपने 15 साल के बेटे के साथ वैशाली नगर थाने पहुंची. वहां उसने खुद को थाना परिसर में करोसिन डालकर आग के हवाले कर दिया. इससे थाने में हड़कंप मच गया. बाद में पुलिसकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से आग को बुझाया. आग से पीड़िता 70 से 80 फीसदी झुलस गई. उसे तुरंत एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में ले जाया गया. वहां सोमवार तड़के यानी आज अल सुबह करीब 4:30 बजे महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई.

महिला के पति का कहना है कि इस संबध में पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की.. बल्कि पीड़िता और उसके परिवार को ही झलील किया और मामले को बार-बार दबाने की कोशिश तक की गई थाना इंचार्ज ने भी मामले की कोई सुध तक नहीं ली. महिला ने आरोपियों के खिलाफ कॉल रिकॉर्डिंग तक कर रखी थी और रिकॉर्डिंग पुलिस को कई बार सबूत के रूप में पेश तक कर दी थी उसके बाद भी पुलिस महकमे ने कोई ठोस कदम आरोपी के खिलाफ नहीं उठाये और मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से समझौता तक करने की पहल की.. क्युकि आरोपी का कहना था कि वह रसूकदार है उसके कॉन्टेक्ट्स बड़े-बड़े आला अधिकारियों से है और इसमें पुलिस या कोई भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी.

तो अब ऐसे में सवाल उठता है कि पीड़ित लोग मदद के लिए जाये तो जाये कहा, मामले की कार्यवाही में जो कदम पुलिस को पीड़िता और उसके परिवार के लिए उठाने चाहिए थे, वो पीड़िता खुद कर रही थी लगातार उस दरिंदे के खिलाफ सबूत पुलिस के सामने पेश कर रही थी, पर पुलिस के कान पर ‘जू’ तक नहीं रेंग रही थी, अब व्यक्ति मदद के लिए किसके पास गुहार लगाए क्युकी खाकी वर्दी के लोगों ने अपने आंख, नाक, कान सब पर पर्दा डाल लिया है, आये दिन मिडिया में इन लोगों की लापरवाही के लिए सवाल उठते रहते है, लेकिन इसका इन पर कोई असर तक नहीं है.. अब इस घटना का जिम्मेदार किसे ठहराया जाये. उस पीड़िता के बेटे के सर से माँ का साया उठ गया, पति अकेला हो गया, अब इस सबका धणी- धोरी कौन है? अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कुछ कदम उठाती है या नहीं या यु हि मूक बधिर बनकर मामले को निपटा देती है ..

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