चंद्रयान 2: वैज्ञानिकों के उदास होने पर पीएम मोदी ने किया ऐसा काम, उसके बाद…

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। पूरा देश दिल थाम के देर रात तक चंद्रयान 2 की लैंडिंग की प्रतीक्षा कर रहा था। हमारे वैज्ञानिकों ने अच्छी सफलता भी हासिल की। शुक्रवार रात चंद्रयान -2 अपनी मंजिल पर पहुँचने ही वाला था की चाँद की सतह से 2.1 किमी पहले चंद्रयान 2 का वैज्ञानिको से संपर्क टूट गया। संपर्क टूट ने के कारण रात को असमंजस की स्थिति बनी रही। बताया जा रहा है की लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिश जारी है, हो सकता है की विक्रम सफलता पूर्वक लैंड हो। हो सकता है की वैज्ञानिकों का विक्रम से जल्द ही संपर्क हो जाए। विक्रम से संपर्क टूटने के बाद उदास हुए वैज्ञानिकों का हौसला कायम रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने अपनी बात की शुरुआत वैज्ञानिको की प्रशंसा करते हुए की। उन्होंने इसरो को माँ भारती के लिए जीने वाले, माँ भारती के लिए जूझ ने वाले और खपाने वाले बताया।उन्होंने कहा की जब विक्रम से वैज्ञानिको का संपर्क टूट गया तब वह वैज्ञानिकों की मनःस्थिति समझ रहे थे। उन्होंने कहा ,आपकी आँखे बोलती थी।आपकी उदासी में पढ़ पाता था।कई रातो से आप सोए नहीं हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों से सहानुभूति करते हुए कहा की, मैंने भी उस पल को जिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा की भले ही रुकावट आई हो, हमारा हौसला कमजोर नहीं हुआ बल्कि और मजबूत हुआ है। हम मंजिल के रास्ते से डिगे नहीं हैं। उन्होंने कहा की हम हमारी योजना से नहीं जा पाए। वैज्ञानिकों की भाषा अलग होती है पर अगर किसी साहित्यकार या कवि को इस बारे में लिखना हो तो वह रोमांटिक होकर लिखेगा आखिरी समय पर चंद्रयान चंद्र को गले लगाने दौड़ पड़ा। आज हमारी चन्द्रमा को छूने की इच्छा शक्ति उसे आगोश में लेने की।इच्छाशक्ति और प्रबल हुई है। हमें हमारे स्पेस प्रोग्राम और वैज्ञानिकों पर गर्व है।

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#ISRO #PMMODI #Scientists

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