चिटफंड घोटाला -गरीबों की आफत

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। आदर्श घोटाले में 1500 करोड़ का घोटाला उजागर करने वाले कांस्टेबल संगीत कुमार को विशेष उन्नति से हेड कांस्टेबल बनाया गया है। संगीत कुमार घोटाले के मुख्य अनुसंधान अधिकारी एएसपी सत्यपाल मिढ़ा का सहयोग कर रहे थे। उन्होंने सोसायटी संचालकों पर आयकर छापे पर ध्यान रखा और फिर जाँच में मामले को आधार मिलने पर एफआईआर दर्ज की। जाँच में जब एएसपी मिढ़ा को सौपी गई तब उन्होंने संगीत कुमार को अपनी टीम में शामिल किया। इस मामलें में 9 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति किया गया है।

अलवर के राधेश्याम को उपनिरीक्षक, राजसमंद के पवन सिंह और नागौर के लक्ष्मी नारायण को एएसआइ, नागौर के रामकुमार व जयपुर के मनेंद्र सिंह, मोहनलाल, ताराचंद व छोटूराम को हेडकांस्टेबल के पद पर पदोन्नत किया गया।

चिटफंड जैसे घोटाले राक्षसी वृत्ति का नमूना है। जिसमें वो लोग जिनके पास पहले से इतनी कम पूँजी होती है अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अपना पेट काटकर इन चिटफंड में अपनी जमा पूंजी लगा देते हैं। हाल ही में एक परिवार की 4 बेटियों ने अपने माता पिता के भविष्य के लिए निजी नौकरी कर पाई पाई जोड़कर चिटफंड में लगाई थी। लेकिन जब माँ के हार्ट का इलाज करने का समय आया तो उन्हें वह पैसे नहीं मिले। अब पैसा होने के बावजूद उन्हें दर दर की ठोकरे खानी पड़ रही हैं। एकलौते भाई की मौत के बाद अपने माता पिता का सहारा बनी बेटियों के पैसे सोसायटी निगल गई। बताया जा रहा है की इस घर की छोटी बेटी ने उसने संकल्प किया है इस धोखे के खिलाफ वह कानूनी लड़ाई लड़ेगी। उसने सोसायटी की धांधलियों के खिलाफ एसओजी को पुख्ता सबूत भी दिए हैं जिससे मामले की जाँच मजबूत हुई है।

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#आदर्शघोटाला #चिटफंड

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