चुनाव से पहले ही इस मुद्दें पर बीजेपी शिवसेना आमने सामने

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में शिवसेना और बीजेपी का गठबंधन बहुत पुराना है परन्तु उनके बीच वैचारिक मतभेद भी बहुत पुराने है। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव आने ही वाले हैं और दोनों पार्टियों के बीच एक नए विवाद ने जगह बना ली है। उद्धव ठाकरे के पुत्र और शिवसेना यूथ विंग के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे खुलकर बीजेपी के खिलाफ बीजेपी की आलोचना में जुट गए हैं। मुद्दा है मेट्रो 3 बनाने के लिए मुंबई की आरे में काटे जा रहे पेड़। जहां इस प्रोजेक्ट पर बीजेपी किसी ड्रीम प्रोजेक्ट की तरह काम कर रही हैं वही शिवसेना पेड़ काटे जाने को लेकर इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रही है।

जहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यह साफ़ कर चुके हैं की मुंबई के आरे में मेट्रोशेड हर हाल में डालना है और इसके लिए आरे के 2700 पेड़ काटे जाएंगे, क़्योंकी आरे कोई वनक्षेत्र नहीं है। दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे सरकार के इस फैसले से सहमत नहीं है और ट्वीट कर सरकार को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है की मेट्रो 3 के नाम पर पेड़ो को बड़ी धूर्तता से काटा जा रहा है, यह बड़ा ही शर्मनाक और गलत है। आगे उन्होंने पेड़ों को काटने वाले अधिकारीयों के लिए कहा की यह बेहतर होगा की इन अधिकारीयों की नियुक्ति पाक अधिकृत कश्मीर में कर दी जाए और पेड़ों की जगह उन्हें आतंकी शिविर तबाह करने का काम दिया जाए।

आदित्य ठाकरे ने पेड़ कटाई पर केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया और कहा की सरकार संयुक्त राष्ट्र में पर्यावरण की बात करता है उसीको वह मुंबई में मेट्रो 3 के नाम पर तबाह कर रही है। केंद्र सरकार को कोई अधिकार नहीं है की वह प्लास्टिक पोलुशन या क्लाइमेट चेंज पर बात करे। मुंबई मेट्रो 3 अविवेकपूर्ण तरीके से क्षेत्र के इको सिस्टम को तबाह कर रही है। आदित्य ने आरोप लगाया की मेट्रो 3 अब अहम् की लड़ाई बन गई है और इसका मूल उद्देश्य ख़त्म हो रहा है। हालांकि देखने वाली बात है शिवसेना के विरोध से चुनाव से पहले गठबंधन पर क्या असर होता है। वैसे जंगलो को काटने के खिलाफ काम कर रहे पर्यावरण एक्टिविस्ट को हाई कोर्ट के फैसले से झटका मिल चुका है और विकास के नाम पर फडणवीस सरकार यह लड़ाई जीतती नजर आ रही है।

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