छठे नवरात्रा को मां कात्यायनी की इस महामंत्र के साथ करें पूजा, कन्याओं की होती है ये मनोकामना पूर्ण

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ले पंगा न्यूज डेस्क, धीरज सैन। आज शरादीय नवरात्रा का छठा नवरात्रा है। नवरात्रि के छठवें दिन मां दुर्गाजी के छठे स्वरुप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। नवरात्रे के छठे दिन जो भी कन्या सच्चे मन से मां कात्यायनी की पूजा, व्रत, करता है उसकी सभी मनोकामना मां कात्यायनी पूरा कर देती है। मां कात्यायनी मनवांछित फल देने वाली माता है।

साथ ही मां कात्यायनी की पूजा कन्याओं के लिए विशेष फलदायी है। मान्यता है कि जो कन्या कात्यायनी मां की पूजा करती है, उन्हें सुंदर वर प्राप्त होता है। साथ ही इनकी पूजा से कुंवारें व्यक्तियों की जल्द ही शादी हो जाती है और जो भी व्यक्ति शिक्षा प्राप्त कर नौकरी के लिए प्रयासरत रहता है। उसके लिए भी मां कात्यानी की पूजा विशेष फलदायी होती है। साथ ही बता दें कि खतरनाक राक्षस महिषासुर का वध करने के कारण इनको महिषासुर मर्दिनी के नाम से भी जाना जाता है।

गौरतलब है कि चार भुजा वाली मां कात्यायनी की सवारी शेर है। मां के एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। साथ ही दूसरें दोनों हाथों में वरमुद्रा और अभयमुद्रा है। बता दें कि पूजा के समय मां का ये महामंत्र काफी फलदायी होता है। या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥ साथ ही आप छठे नवरात्रा के दिन मां कात्यायनी की पूजा करते समय इस मंत्र का 108 बार जाप करें आप पर हमेशा मां कात्यायनी की कृपा बनी रहेगी…
चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दूलवर वाहनो!
कात्यायनी शुभंदद्या देवी दानव घातिनि!!

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