तेज बहादुर

तेज बहादुर का चुनाव लडऩे का अंतिम रास्ता भी बंद, अब नहीं लड़ पाएंगे वाराणसी मोदी के खिलाफ चुनाव

राजनीति,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। सपा के टिकट पर वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तेज बहादुर यादव की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। बता दें कि तेज बहादूर यादव का नामांकन रद्द होने पर कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उनकी याचिका में कोई मैरिट नहीं है। वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी को तगड़ी चुनौती देने की योजना पर महागंठबंधन को कोर्ट के इस फैसले से बड़ा झटका लगा है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले बुधवार को तेज बहादुर यादव की शिकायत पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को इस बात के निर्देश दिए थे कि तेज बहादुर की शिकायत के हर बिंदु पर गौर किया जाए और कल तक यानि कि 9 मई को कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाए। बता दें कि चुनाव आयोग ने पिछले दिनों वाराणसी लोकसभा सीट से तेज बहादुर यादव द्वारा भरे गए नामांकन को रद्द कर दिया था, जिसके खिलाफ तेज बहादुर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

सुनवाई में राकेश द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग की ओर से रखा पक्ष

समाजवादी पार्टी के टिकट पर वाराणसी से नामांकन भरने वाले बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव की याचिका पर आज गुरुवार को फिर से सुनवाई हुई। इस सुनवाई में राकेश द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग की ओर से अपना पक्ष रखा। सुनवाई में राकेश ने आरपी एक्ट सहित पुराने फैसलों का हवाला दिया। साथ ही चुनाव आयोग ने वाराणसी के निर्वाचन अधिकारी के फैसले को सही करार दिया।

प्रशांत भूषण ने लिया तेज बहादुर का पक्ष

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने तेज बहादुर की ओर से पक्ष रखते हुए कहा, ‘मैंने अपनी बर्खास्तगी का आदेश नामांकन के साथ संलग्न किया था। लेकिन हमें जवाब रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया। मैं बस चाहता हूं कि मेरा नाम जोड़ा जाए.’ वाराणसी में लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के तहत 19 मई को मतदान होना है।

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिका में कोई मैरिट नहीं है।

खाने की क्वालिटी का वीडियो बनाने के बाद चर्चा में आए दे तेज बहादुर

बीएसएफ में कांस्टेबल रह चुके तेज बहादुर यादव ने खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए एक वीडियों बनाया था जो बाद में सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसके बाद वे चर्चा में आए थे। बीएसएफ ने बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया था। तेज बहादुर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। बता दें कि पहले उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। बाद में समाजवादी पार्टी ने तेज बहादुर को टिकट दिया था। लेकिन चुनाव अधिकारी ने हलफनामे में जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए उनका नामांकन कर दिया।

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