…तो इस कारण महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बदल गया गणित

न्यूज़ गैलरी,

ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अक्टूबर में होने वाले हैं। इस बार महाराष्ट्र चुनाव का नजारा पिछले 2 दशकों के चुनाव से बिल्कुल अलग होगा। अब तक महाराष्ट्र चुनाव में तीन प्रमुख पार्टियां में मुकाबला होता आया है, राष्ट्रिय पार्टी कोंग्रेस, बीजेपी और महाराष्ट्र की स्थानीय पार्टी शिवसेना। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अग्रसर रहती थी। 2014 की मोदी लहर के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी ने अपना परचम लहराया।

2019 की लोकसभा में मोदी सरकार को 2014 से भी बड़ी जीत हासिल हुई है। उसी का असर एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव पर नजर आ रहा है। शिवसेना अब तक उत्तर भारतीयों के खिलाफ आवाज उठाकर मराठी मानूस को अपने करीब रखने की राजनति करती आई है। इस बार के विधानसभा चुनाव में शिवसेना के हाव भाव अलग ही अंदाज में नजर आ रहे है।अपना पुराना एजेंडा छोड़कर इस बार के चुनावों में वह विकास की राजनीति कार्ड खेलती नजर आ रही है। शिवसेना की कोशिश है की वह किसानों के लिए बीमा और बीज जैसे मुद्दों पर अपनी मुहर लगवा ले।

वहीं अब तक चुनावों में सबसे आगे रहने वाली कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही है। शिवसेना का उत्तर भारतीय विरोध एजेंडे का फायदा अक्सर कांग्रेस को होता रहा है। इस बार के चुनाव में यह मुद्दा फीका होता नजर आ रहा है। अब तक कांग्रेस के साथ खड़े अधिकतम उत्तर भारतीय नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। उत्तर भारतीयों के वोट भी बीजेपी का रुख ले चुके हैं। कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव हमेशा से ज्यादा चुनौतपूर्ण हैं। बीजेपी का पलड़ा इस बार के चुनाव में भारी नजर आता है। मोदी लहर और केंद्र में बीजेपी सरकार ने किए काम महाराष्ट्र में बीजेपी को फायदा पहुंचा सकते है।

Tag In

#2019maharashtraelections #assemblyelections #MaharashtraAssemblyElections

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *