…तो ये मुद्दे हो सकते है कांग्रेस की हार के कारण

राजनीति,

ले पंगा न्यूज डेस्क, प्रियंका शर्मा। कोंग्रेस की हार का कारण परिवारवाद, वंशवाद जैसे मुद्दे बताये जा रहे है, तो इन्हीं खास कारणों की वजह से ही कयास लगाए जा रहे है कि राहुल गाँधी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंप सकते है. हालांकि उनका इस्तीफा पार्टी ने नामंज़ूर कर दिया है पर फिर भी लगातार खबर आ रही है कि राहुल गाँधी अपने फ़ैसले पर अड़िग है. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में बवंडर आ गया है. बरहाल राहुल गांधी कांग्रेस का अध्यक्ष पद छोड़ने पर अड़ गए हैं तो वहीं उनको मनाने के लिए पार्टी नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं.

आज सुबह भी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, नेता रणदीप सुरजेवाला उनसे मिलने पहुंचे. इस बीच खबर है कि राहुल गांधी से कहा गया है कि अभी पार्टी को नए विकल्प नहीं मिल रहे हैं और जब तक पार्टी को कोई नया विकल्प नहीं मिले तब तक के लिए ही आप पार्टी में बने रहे.

वही दूसरी और राहुल को कहा गया है कि आप पार्टी में जो मर्जी बदलाव करें, जैसे चाहे पार्टी चलाएं. जिसके बाद अब राहुल नरमी के संकेत दे सकते हैं. सूत्रों ने दावा किया है कि कार्यप्रणाली में कुछ शर्तों के साथ राहुल अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे. वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, प्रियंका गांधी की कई दौर की मीटिंग के बाद इस बात पर सहमति बनी है. आज राहुल से मिलने उनके घर पहुंचने वाले लोगों में प्रियंका गांधी, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट जैसे बड़े नेता शामिल हैं.

दरअसल लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उसे नकार दिया था. हालांकि, उसके बाद राहुल अपने फैसले पर अड़े रहे और पार्टी नेताओं को खरी-खरी सुनाई.

लोकसभा चुनाव में मात्र 52 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस पार्टी में इस्तीफों का दौर जारी है, कई प्रदेश अध्यक्ष अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं. तो वहीं राहुल अपनी बात पर अडिग हैं, यहां तक कि उन्होंने अभी तक अपने नवनिर्वाचित सांसदों से भी मुलाकात तक नहीं की है.

गौरतलब है कि वर्किंग कमेटी की बैठक में जब राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की तो हर कोई हैरान था, लेकिन सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अहमद पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने इस पर विचार करने को कहा. राहुल तो लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा देना चाहते थे, जिन्हें समझाया गया और ऐसा करने से रोका गया. प्रियंका खुद बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं.

दरअसल, राहुल का फॉर्मूला है कि वह अध्यक्ष पद से हटें, कोई नया अध्यक्ष बनें. जो कि गांधी परिवार से अलग हो और राहुल खुद पार्टी के लिए काम करते रहें. नतीजों के बाद पंजाब, यूपी, असम, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

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