नोटबंदी से 50 लाख लोगों ने गंवाई नौकरी

नोटबंदी से 50 लाख लोगों ने गंवाई नौकरी : रिपोर्ट

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क, अशोक योगी। जब देश में नोटबंदी और जीएसटी लागू हुई,तब जनता को परेशान तो हुई लेकिन यह नहीं सोचा था। कि एक दिन नौकरी से भी हाथ धोना पड़ेगा। एक रिपार्ट के मुताबिक साल 2016 से 2018 के बीच देश में करीब 50 लाख लोगों ने अपनी नौकरियां खो दीं। यह रिपार्ट अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के तहत आने वाले सेंटर फॉर सस्टेनेबल एंप्लॉयमेंट (सीएसई) ने दी है। रिपार्ट में बताया गया है कि नौकरियां गंवाने का सिलसिला 2016 में केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई नोटबंदी से प्रारम्भ हुआ था। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह सीधे-सीधे दावा नहीं किया जा सकता कि रोजगार खोने के इस सिलसिले का नोटबंटी से सीधा कोई संबंध है।

पिरामिड सर्वेक्षण के आकंड़ों के आधार पर की है रिपोर्ट तैयार

रिपोर्ट के अनुसार देश में बेरोजगारी की समस्या साल 2011 से बनी हुई है। लेकिन साल 2018 तक बेरोजगारी दर छह प्रतिशत तक बढ़ गई जो 2000-2011 के मुकाबले दोगुनी है। सीएसई ने सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी के उपभोक्ता पिरामिड सर्वेक्षण के आकंड़ों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। ये आंकड़े बेरोजगारी को लेकर नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन द्वारा किए गए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण की उसी रिपोर्ट के तहत इकट्ठा किए गए थे जिसे अभी तक जारी नहीं किया गया है। हालांकि जनवरी में यह रिपोर्ट लीक हो गई थी। तब यह जानकारी सामने आई थी कि 2017-18 के बीच देश में बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत रही जो बीते 45 सालों में सबसे ज्यादा बताई जा रही है।

सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार बेरोजगारी की समस्या में 20 से 24 वर्ष के उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं है। वहीं शहरी पुरुषों में 13.5 फीसदी ग्रेजुएट्स हैं, मगर 60 फीसदी बेरोजगार हैं। सामान्य तौर पर पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा प्रभावित हुई हैं। पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों में बेरोजगारी और श्रम भागीदारी दर बहुत ज्यादा है।

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