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पंजाब में बर्गर वाले बाबा और मैगी वाले चाचा है चुनाव मैदान में, पढ़िए राजनीति में आने की क्या है वजह

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। 2019 के लोकसभा चुनाव के कुल सात में छह चरणों के चुनाव हो चुके हैं। सातवें चरण के चुनाव 19 मई, रविवार को होंगे। इस दिन देश की कुल 543 सीटों में से शेष बची 59 सीटों पर मतदान होगा। पंजाब की सभी 13 सीटों पर भी मतदान इस चरण में 19 मई को होगा। पंजाब की बात करें तो राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच है। यहां से 13 सीटों पर कुल 278 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें दो नाम बेहद रोचक हैं। पहला नाम है ‘बाबाजी बर्गर वाले’ और दूसरा नाम है ‘चाचा मैगी वाला’। बाबा और चाचा दोनों ही निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। बाबाजी बर्गर वाले लुधियाना से चुनाव मैदान में हैं। दरअसल 30 वर्षीय रविंदर पाल सिंह ने लुधियाना से नामांकन भरा है और इन्हें ही बाबाजी बर्गर वाले के नाम से जाना जाता है। लुधियाना से अकाली दल ने महेशिंदर सिंह को तथा कांग्रेस ने मौजूदा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को चुनाव मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी की बात करें तो पार्टी ने इस बार प्रो. तेजपाल सिंह गिल को टिकट दिया है। अब बात करें चाचा मैगी वाला की तो मैगी वाले चाचा ने पटियाला से नामांकन दाखिल किया है। दरअसल बर्गर वाले बाबाजी की तरह ही मैगी वाले चाचाजी का नाम जसबीर सिंह है और 55 साल के जसबीर सिंह ने पटियाला से अपना नामांकन दाखिल किया है। पटियाला की संसदीय सीट से कांग्रेस ने तीन बार सांसद रह चुकी परणीत कौर पर भरोसा जताया है तो अकाली दल के सुरजीत सिंह राखरा और आम आदमी पार्टी की नीना मित्त ल चुनाव मैदान में हैं।

बर्गर वाले बाबा कैंसर के खिलाफ लड़ना चाहते हैं

बता दें कि ‘बाबाजी बर्गर वाले’ के नाम से पहचाने जाने वाले रविंदर पाल सिंह कहते हैं कि वो कैंसर के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। बाबा का कहना है कि वे कैंसर के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना चाहते हैं इसके लिए ही वो चुनाव लड़ रहे हैं। बाबा का कहना है कि इस इलाके में बहने वाले नाले में फैक्टरियों का कैमिकल बहता है और ये लोगों को कैंसर का शिकार बना देता है। रविंदर 12 साल से मॉडल टाउन एक्सटेंशन मार्केट में लोगों को बर्गर परोस रहे हैं। रविंद्र पाल कहते हैं कि मैं सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की खस्ताहाल से दुखी हूं और कुछ काम करना चाहता हूं। यही कारण है कि चुनावी मैदान में कूदना पड़ा है।

मैगी वाले चाचा हैं करप्शन से परेशान

पटियाला के बस स्टैंड के पास जसबीर सिंह के मैगी नूडल्स को कौन नहीं जानता। मैगी वाले चाचा के नाम से पहचाने जाने वाले जसबीर सिंह का कहना है कि वो भ्रष्टाचार से परेशान हैं और भ्रष्टाचार को मिटाना चाहते हैं, इसी कारण से वो चुनाव मैदान में हैं। चाचा का कहना है कि सरकारी अधिकारी हर साल में लोगों की जेब से पैसा निकलवाना चाहते हैं। बता दें कि मैगी वाले चाचा 2017 में पटियाला ग्रामीण सीट से विधानसभा का चुनाव लड़े चुके हैं, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार चाचा को उम्मीद है कि उन्हें जीत मिलेगी।

आखिरी चरण में 19 मई को होगी वोटिंग, 23 मई को आएंगे नतीजे

2019 के लोकसभा चुनाव कुल सात चरणों में हो रहे हैं अब तक छह चरणों के चुनाव हो चुके हैं। सातवें चरण का मतदान बाकि है इस चरण में 19 मई को कुल 59 सीटों पर मतदान होगा। अब तक हुए छह चरणों में कुल 543 में से 484 सीटों पर मतदान हो चुका है। 19 मई को सातवें चरण में 8 राज्यों की कुल 59 सीटों पर प्रत्याशी अपना भाग्य अजमाएंगे। इस चरण में बिहार की आठ, झारखंड की तीन मध्य प्रदेश की आठ, पंजाब की तेरह, पश्चिम बंगाल की नौ, चंडीगढ़ की एक, उत्तर प्रदेश की तेरह और हिमाचल प्रदेश की चार सीटों पर मतदान होगा। कुल 543 सीटों का परिणाम 23 मई, गुरुवार को घोषित होगा।

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