प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किया ऐलान, अगले शैक्षणिक सत्र से बदल जाएगा 6 से 12वीं स्कूल का पाठ्यक्रम!

न्यूज़ गैलरी,

ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। स्कूल का पाठ्यक्रम बदलना भी एक परिपाठी बन गई है। बच्चों के पाठ्यक्रम के जरिए हर सरकार अपनी विचारधारा को बच्चों की विचारधारा बनाने में लगी हुई है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के आने के बाद सरकार फिर एक बार स्कूल का पाठ्यक्रम बदलने में जुट गई है। प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में 6 से 12 वीं तक की कक्षा का पाठ्यक्रम अगले शैक्षणिक सत्र से बदल जाएगा। सभी हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों में अगले सत्र से एनसीइआरटी का पाठ्यक्रम लागू होगा।

5वीं तक के पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं किया गया है। बता दें की एनसीइआरटी के पाठ्यक्रम में प्रदेश विशेष के इतिहास, भूगोल से जुडी किताबें नहीं होती इसलिए प्रदेश की जानकारी के लिए एक अतिरिक्त किताब भी जोड़ी जाएगी। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की योजनाएँ जल स्वावलंबन, भामाशाह योजना, स्वच्छता अभियान जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने वाली किताबों को पाठ्यक्रम से हटाया गया है। यह किताबें केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने हेतु पाठ्यक्रम में दी गई थी। यह किताबें समाजोपयोगी नाम से चलाई जा रही थी और इनकी कोई परीक्षा नहीं होती थी। इन किताबों को इसी सत्र से हटा दिया गया है।

पहले भी प्रदेश में राज्य सरकारों ने कई बार अपने एजेंडे के अनुसार पाठ्यक्रम में कई बार बदलाव किया है। कांग्रेस सरकार द्वारा एनसीइआरटी का पाठ्यक्रम दूसरी बार जोड़ा है। पहले कांग्रेस सरकार पाठ्यक्रम में किताबों पर कांग्रेस के मुख्यमंत्री का फोटो लगा दिया गया था फिर भाजपा सरकार ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री की फोटो और कांग्रेस सरकार के समय के पाठ्यक्रम को हटाया था। भाजपा सरकार ने भी अपने कार्यकाल में स्कूली पाठ्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पूर्व सरसंघचालक के एस सुदर्शन, नानाजी देशमुख की जीवनी को जोड़ चुकी है जिसे कांग्रेस सरकार द्वारा हटाया गया। ऐसे अन्य कई पाठ्यक्रम में बदलाव सरकारों के एजेंडे के तहत होते रहे हैं।

Tag In

#पाठ्यक्रम #स्कूलीपाठ्यक्रम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *