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प्रियंका गांधी के लिए काशी की जनता ने बिछा दीं पलकें, हुई भाव-विभोर

लोकसभा 2019,

लेपंगा न्यूज डेस्क अशोक योगी। प्रियंका गांधी की तीन दिवसीय गंगा यात्रा का बुधवार को अंतिम दिन था। वो प्रयाग, मिर्जापुर के बाद काशी पहुंची थीं। प्रयाग और मिरजापुर में भी आम जनता ने उनके लिए पलकें बिछा दीं। बुधवार को जैसे ही गंगा की लहरों पर सवार हो बनारस के गंगा घाट पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पहुंची, तो ऐसा लगा मानो समूची काशी उनसे मिलने घाट की सीढ़ियां उतर आई हो। इनमें हर उम्र के लोग और महिलाएं भी शामिल थीं। अक्स और आभा ऐसी जिसने पुराने बनारस को इंदिरा गांधी की याद दिला दी।

जनता थी प्रियंका की एक झलक पाने को बेकाबू

काशी ने सियासी इतिहास को करवट बदलते हुए देखा। मोदी के गढ़ काशी में तो लोगों ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को असीम दुलार प्यार दिया। पहली बार प्रियंका काशी में मिल रही थी। काशी की जनता फूल बरसा कर उनका स्वागत कर रही थी। लोग भाव विभोर थे। प्रियंका इस मिलन से और भी अभिभूत। कोई टकटकी लगाए देखता, कोई उनसे हाथ मिलाने को आतुर। कोई चाहता कि बस कुछ बोल दें। कुछ भी बोलने पर परंपरागत ढंग से हर हर महादेव का जयघोष कर उनका स्वागत करना काशीवासियों का प्रेम दर्शा रह था। इन सबके पीछे था प्रियंका गांधी का करिश्माई व्यक्तित्व जो लोगों के लिए आकर्षण का विषय बना हुआ था। वे शांत चित्त से, सधी संयत भाषा में लोगों से संवाद कर रही थी। कड़ी बात को भी विनम्रता से कहने का उनका अंदाज लोगों को बहुत भा रहा था। प्रियंका बीजेपी या मोदी के खिलाफ भी कुछ बोल रही थीं तो मुस्कराते हुए। वे सबसे अपनेपन से मिलती हैं। भीड़ में आम आदमी की तरह प्रवेश कर जाती हैं। उनके इस रुख ने विरोधियों में और बेचैनी भर दी। यह सब कुछ उस काशी में हो रहा था जो इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गढ़ मानी जाने लगी है।

कांग्रेसियों का जोश था सातवें आसमान पर

प्रियंका गांधी के काशी आगमन से कांग्रेसियों का जोश तो आसमान पर था ही, पुराने कांग्रेसी भी आबा ढाबा के साथ बड़ी संख्या में बाहर निकले। और तो और, कभी कांग्रेस का गढ़ रहा पुराना बनारस भी जोश से लबालब हो उठा। प्रियंका गांधी रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना हो, मां गंगा की आरती, होलिका पूजन, बाबा विश्वनाथ की अभ्यर्थना सब कुछ दिल व इतमीनान से करती हुई नजर आईं। हर जगह जन सैलाब का दुलार उन्हें नेताओं की कतार में अलग खड़ा कर रहा था। इसे काशी में सियासी इतिहास की बड़ी करवट माना जा रहा है। बनारस की जनता ने बताया है कि प्रियंका की साफ सुथरी सियासी तपिश कोशी की सूरत बदल सकती है। लोग यह भी मान रहे हैं कि सियासी तौर पर इस यात्रा का निहितार्थ चाहे जिस नतीजे पर पहुंचे, किंतु लोकप्रियता के ग्राफ पर प्रियंका ने बेशक बड़ी लकीर खींचने में कामयाबी हासिल की है। ऐसी लकीर जो बीजेपी के लिए बड़े घाव का सबब बन सकती है।

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