बातचीत से अयोध्या विवाद सुलझाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने रखा फ़ैसला सुरक्षित

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नई दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला इस मुद्दे पर सुरक्षित रखा है कि क्या अयोध्या मामले का निपटारा सर्वोच्च अदालत की देखरेख में आपसी बातचीत के ज़रिए हो सकता है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुआई वाले पाँच सदस्यों के खंडपीठ ने दोनों ही पक्षों से कहा है कि वे इस मामले पर अपनी पसंद के मध्यस्थ या मध्यस्थों के नामों की सूची अदालत को दें क्योंकि अदालत जल्द ही इस मामले पर फ़ैसला देने वाली है। विवादित जगह पर राम मंदिर बनाने की माँग करने वाले पक्षकारों का कहना है कि मध्यस्थता के ज़रिए इस मामले के निपटारे की कोशिश बेकार ही होगी क्योंकि यह मामला बेहद संवेदनशील है। इसलिए अदालत ही इस पर अपना फ़ैसला दे। राम लला विराजमान के वकील ने कहा है कि वे लोगों से चंदा उगाह कर पैसे इकट्ठा करेंगे और किसी दूसरी जगह मसजिद बनवा देंगे। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कहा था कि सभी पक्ष मध्यस्थ के ज़रिए बातचीत कर इस मामले को सुलटा लें। अदालत इसकी निगरानी करेगी और यह मध्यस्थता बंद कमरे में होगी। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की बातचीत से आपसी सौहार्द्र बनेगा। 

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