बिहार में इन सीटों पर होगा घमासान, दो साथियों के बीच होगा मुकाबला

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज, देवेन्द्र कुमार। इस बार के लोकसभा चुनाव में बिहार की सभी सीटों पर एनडीए व महागठबंधन के बीच जमकर मुकाबला होगा। लेकिन पूरे राज्य में चार सीटें ऐसी हैं जिस पर राज्य के लोगों की ही नहीं बल्कि राजनेताओं की भी निगाह रूक गई है। राज्य में पटना साहिब, दरभंगा, मुंगेर और वैशाली ये चार सीटे ऐसी हैं जो न केवल आम जनता बल्कि राजनीतिक पार्टियों में भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन चारों सीटों पर इस लोकसभा चुनाव में जमकर मुकाबला होने वाला है। इनमें वैशाली सीट सबसे अधिक चर्चा में बनी हुई है क्योंकि यहां से दो ऐसे चेहरे चुनावी मैदान में हैं जो कभी साथी रहे हैं।

लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया को एनडीए अंतिम रूप देने में जुटा है। महागठबंधन में सीटों का बंटवारा नहीं होने पर भी कई सीटों पर उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जनसंपर्क अभियान शुरू हो गया है। बिहार की ये चार सीटें ऐसी हैं जिनके घमासान पर हर किसी की नजर टिकी हुई है। जानिए क्यों खास होने वाली हैं ये चार सीटें

पटना साहिब

बिहार की पटना साहिब लोकसभा सीट पर इस बार हर किसी की निगाह रहने वाली है। पटना साहिब सीट को भारतीय जनता पार्टी की सबसे सुरक्षित सीट माना जाता है इस सीट से अभी शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं। सासंद सिन्हा हमेशा ही पार्टी विरोधी बयानों व गतिविधियों को लेकर खबरों में बने रहते हैं इसी कारण से सिन्हा का टिकट कटने की चर्चा है। ऐसे में वे आगे क्या निर्णय लेते हैं और इस सीट से भाजपा अपना उम्मीदवार किसे बनाती है। इसकी पूरे देश में चर्चा होने वाली है।

दरभंगा

दूसरी सीट है बिहार की दरभंगा लोकसभा सीट। इस सीट पर मजेदार मुकाबला होने वाला है। कांग्रेस ने इस सीट के सिटिंग सांसद कीर्ति आजाद को अपने पाले में शामिल कर लिया है। माना जा रहा था कि भाजपा के इस निलंबित सांसद का बीजेपी से टिकट कटना तय था। अब चर्चा है कि यह सीट जदयू के खाते में जा रही है। ऐसे में देखना यह होगा कि कांग्रेस से कीर्ति आजाद के मुकाबले में किस उम्मीदवार को उतारा जाता है और एनडीए की इस सीट पर कैसी रणनीति होती है।

मुंगेर

तीसरे नंबर पर इस बार सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली सीट है वो है मुंगेर लोकसभा सीट। इस बार यह सीट लोक जनशक्ति पार्टी के पाले से छिन रही है। यह सीट जदयू के पाले में जाने की चर्चा है। यहां से बिहार सरकार में मंत्री व सीएम नीतीश कुमार के खास राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। यहां से कांग्रेस के टिकट पर जदयू के पूर्व विधायक व मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत सिंह भी दावा ठोंक रहे हैं। अनंत सिंह ने घोषणा कर दी है कि अगर उन्हें कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय लड़ेंगे और जीतेंगे। ऐसे इस सीट पर जोरदार टक्कर होने वाली है। इसलिए इस सीट पर हर किसी की नजर है।

वैशाली

चौथी सीट जो है वो वैशाली लोकसभा सीट जो इस बार सबसे अधिक चर्चा में रहेगी। इस सीट पर चुनावी घमासान गहरा होने वाला है। यह सीट दो पूर्व सहयोगियों के बीच की जंग का मैदान बनती दिखाई दे रही है। रघुवंश बाबू यहां के कद्दावर नेता हैं और क्षेत्र में उनकी काफी पकड़ है। इन्होंने जनसम्पर्क के जरिए लोगों के बीच अपनी अच्छी छवि बनाई है। लेकिन एनडीए ने उनके ही सहयोगी रहे दिनेश सिंह को उनके खिलाफ खड़ा करने की रणनीति बनाई है। कहा जाता है कि दिनेश सिंह कद्दवार नेता रघुवंश बाबू के रग-रग से वाकिफ हैं। इसलिए सिंह बाबू की रणनीति को भी पहचानते हैं। इसलिए दिनेश सिंह उनको कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

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