बिहार में ‘चमकी बुखार’ का कहर, 112 बच्चों ने खोई जिदंगी

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ले पंगा न्यूज डेस्क, प्रियंका शर्मा। बिहार में चमकी बुखार का कहर जारी है. इसके चलते मध्यप्रदेश और झारखंड में ‘चमकी बुखार’ को लेकर अलर्ट जारी किया है. बतादें, मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का आंकड़ा 112 तक पहुंच चुका है. पिछले 24 घंटे के अंदर मेडिकल कॉलेज में 75 नए मरीज भर्ती हुए हैं. 418 बच्चों का इलाज चल रहा है, जिसमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन अभी तक न तो सरकार, न डॉक्टर ये तय कर पाए हैं कि ये बीमारी कौन सी है.

मरने वाले बच्चों में 80 फीसदी लड़कियां

चिंताजनक बात यह है कि मरने वाले या गंभीर रूप से बीमार बच्चों में 80 फीसदी बच्चियां हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 130 मौतों में 85 बच्चियां शामिल हैं. विशेषज्ञों के अनुसार कुपोषण का शिकार सबसे अधिक बच्चियां होती हैं जिनमें आयरन की कमी से इसका खतरा बढ़ता है. यह भी इस इलाके की बड़ी समस्या रही है जिसे नजरअंदाज किया जाता रहा है. जिसके चलते लड़कियां इस बीमारी की चपेट में जल्दी और ज़्यादा से ज़्यादा आ रही है.

नीतीश कुमार ने किया अस्पताल का दौरा

बतादें, मौत की शुरुआत के करीब 20 दिन बाद मंगलवार सुबह-सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर के SKMCH अस्पताल पहुंचे. नीतीश के पहुंचने के बाद बच्चों के मां बाप को उम्मीद थी कि उनके नौनिहालों के साथ हवा में तीर की तरह हो रहे इलाज का कुछ इलाज होगा, दवाएं मिलेंगी, अस्पताल की सेहत सुधरेगी, लेकिन सीएम साहब की पर्देदारी देखकर लोगों के सब्र का बांध टूट गया. लोग नारे लगाते रहे और नीतीश अस्पताल प्रशासन की पीठ थपथपाकर आराम से निकल लिए.बताया जा है कि मुख्यमंत्री साहेब के सामने-सामने ही कुछ मरीजों की जानें जाती रही पर कोई भी कड़ा और औपचारिक कदम सरकार की और से नहीं उठाया जा रहा है.

पहुंचा सुप्रीम कोर्ट मौतों का यह मामला

मालूम हो, मौतों का यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. दो वकीलों ने जनहित याचिका दायर कर मेडिकल बोर्ड का गठन करने की मांग की है. इसके अलावा इस बीमारी से प्रभावित इलाकों में केंद्र और बिहार सरकार को 500 आईसीयू बनाने का आदेश दिया जाए, प्रभावित इलाकों में मेडिकल एक्सपर्ट टीम भेजने के निर्देश दिए जाएं और 100 मोबाइल ICU मुजफ्फरपुर भेजे जाएं.

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