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भाजपा उम्मीदवारों के चयन में रार, दिग्गज नेताओं ने लड़ने से किया इनकार

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क। देवेन्द्र कुमार। लोकसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां दिन रात मेहनत कर रही हैं। लोकसभा चुनावों को लेकर वर्तमान में सबसे अधिक चर्चा का विषय जो है वो यह है कि किस सीट से कौन नेता किस पार्टी से चुनाव लड़ेगा। इसी तैयारी में कांग्रेस अब तक लोकसभा चुनावों के लिए 6 सूचियां जारी कर चुकी है। लेकिन बीजेपी में अभी उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन ही चल रहा है। अभी तक बीजेपी की लिस्ट जारी नहीं होने और नामों को लेकर पार्टी में चल रहे मंथन से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी इस उलझन में लगी हुई है कि किस नेता को चुनाव मैदान में उतार कर खुश रखा जाए और किसका टिकट काट कर उसे पार्टी बागी होने से रोका जाए।

घंटों हुआ मंथन लेकिन नहीं हो पाई उम्मीदवारों के नामों की घोषणा

भाजपा के दिल्ली स्थित मुख्यालय पर मंगलवार देर रात तक केंद्रीय चुनाव समिति की अहम बैठक आयोजित हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और नितिन गडकरी समेत कई अन्य नेता पहुंचे थे। घंटो तक बैठक में उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चा हुई लेकिन बैठक में उम्मीदवारों के नामों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। सूत्रों के अनुसार बीजेपी यूपी में करीब 18 वर्तमान सांसदों के टिकट काट सकती है। उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटें आती हैं। यूपी में सभी सीटों पर सात चरणों में चुनाव होंगे। सूत्रों की बात माने तो कई बड़े नेताओं ने लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया है।

ये बड़े नेता इस बार नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में पार्टी के दिल्ली स्थित मुख्यालय पर देर रात 1 बजे तक चली बैठक में कुछ बड़े नेताओं ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इस बैठक में सबसे पहले उन चेहरों की सियासी ताकत और कमजोरी नापी गई जिन पर पार्टी लोकसभा चुनाव में दांव नहीं लगाना चाहती। पीएम मोदी का गढ़ और सीएम योगी का केसरिया किला उत्तर प्रदेश इस लिस्ट में सबसे ऊपर था। सूत्रों का दावा है कि मुरली मनोहर जोशी ने खुद कानपुर से चुनाव न लड़ने की बात पार्टी को कही। हालांकि मुरली मनोहर जोशी की दावेदारी ना होने के पीछे की वजह भी अहम है। 85 साल के जोशी पहली बार 1977 में लोकसभा के लिए चुने गए, यानी उनकी उम्र काफी है और इसी वजह से वो बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल में हैं। सूत्रों के अनुसार मुरली मनोहर जोशी के अलावा बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने भी चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। लालकृष्ण आडवाणी भी चुनाव नहीं लड़ेंगे, उनकी उम्र को देखकर चुनाव न लड़ने की गुज़ारिश की गई है। 91 साल के आडवाणी छठी बार गांधीनगर से सांसद हैं। आडवाणी के बेटे जयंत या बेटी प्रतिभा चुनाव लड़ सकती हैं। सुषमा स्वराज ने सेहत का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार किया है। बीजेपी के बड़े नेता शांता कुमार भी इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। उत्तराखंड के पौड़ी सीट से बीसी खंडूरी भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। सीनियर नेता भगत सिंह कोश्यारी का भी टिकट इस बार कट सकता है। कानपुर से इस बार मुरली मनोहर जोशी की जगह सतीश महाना पार्टी की तरफ से दावेदारी करेंगे। सतीश महाना फिलहाल योगी कैबिनेट में मंत्री हैं और 2009 में बहुत कम वोटों से कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल से पीछे रहे थे। कौन चुनाव लड़ेगा और किसका टिकट कटेगा इसको लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई है। बीजेपी आज पहली लिस्ट जारी कर सकती है।

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