भाजपा नेत्री व पूर्व आईपीएस भारती घोष की गिरफ्तारी पर रोक जारी, सुप्रीम कोर्ट का फैसला •

लोकसभा 2019,
  • नई दिल्ली । हाल ही में बीजेपी में शामिल पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों के मामले में उनकी गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने राहत प्रदान की है। जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के लिए स्थगित करते हुए कहा कि भारती घोष के ख़िलाफ़ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। भारती घोष ने गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उसके खिलाफ अब तक 10 प्राथमिकी दर्ज की हैं। वहीं याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही उन्हें सात मामलों में गिरफ़्तारी से संरक्षण प्रदान कर चुकी है परंतु राज्य की ममता सरकार ने अब उसके ख़िलाफ़ 30 नए मामले दर्ज कर दिये हैं। भारती घोष की याचिका का विरोध करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि उसके ख़िलाफ़ स्पष्ट साक्ष्य मौजूद हैं। राज्य सरकार ने इस संबंध में घोष और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी के बीच हुई बातचीत का विवरण भी पेश किया। किसी समय में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की काफी नज़दीकी मानी जाने वाली भारती घोष ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली।
  • राज्य सरकार की ओर से कपिल सिब्बल ने किया विरोध
  • बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट एक अक्टूबर, 2018 को भारती घोष को कथित रूप से प्रतिबंधित मुद्रा के बदले ग़ैरकानूनी तरीके से सोना प्राप्त करने और उगाही के मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया था। तब मामले की सुनवाई के दौरान घोष के वकील ने कहा था कि उनके ख़िलाफ़ 2016 के एक मामले के संबंध में सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। साथ ही घोष के वकील द्वारा बताया गया कि पुलिस उनके मुवक्किल घोष के ख़िलाफ़ अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर रही है। इसलिए उसे कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोका जाए। हालांकि, राज्य की ममता सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह रिट याचिका के आधार पर गिरफ़्तारी पर रोक चाहती हैं जो नहीं किया जा सकता। घोष को पिछले साल अक्टूबर में पहले ही गिरफ्तारी से संरक्षण मिला हुआ है, सिब्बल ने यह बात भी उठाई।
  • भारती घोष ने थाम लिया भाजपा का दामन, सीआईडी के जांच दायरे में है भारती घोष
  • गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद और वरिष्ठ नेता विजयवर्गीय की उपस्थिति में पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष ने इसी 4 फरवरी को का दामन थाम लिया था। इसके बाद घोष ने पश्चिम बंगाल में ‘डेमोक्रेसी’ का स्थान ‘ठगोक्रेसी’ ने ले लिया का आरोप लगाया था। एक अखबार की खबर के मुताबिक, जबरन वसूली और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में आपराधिक जांच विभाग की जांच के दायरे में चल रही भारती घोष के पति राजू हिरासत में हैं। वहीं एक अन्य अखबार का तो दावा है कि पिछले साल सीआईडी ने घोष के घर छापा मारकर 2.5 करोड़ नकद बरामद किया था, जांच में सहयोग न करने पर जांच एजेंसी ने घोष को ‘मोस्ट वांटेड’ तक करार दिया था। 
  • क्या था पूरा मामला, क्या हैं घोष पर आरोप
  • बता दें कि कोर्ट के आदेश पर सीआईडी ने अवैध वसूली के एक मामले में भारती घोष के खिलाफ जांच शुरू की थी। सीआईडी को जांच के दौरान ही भारती घोष के घर से 300 करोड़ रुपये की ज़मीन खरीदने के दस्तावेज़ मिले थे। इसी सिलसिले में सीआईडी भारती घोष से पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन जब उनका कोई पता नहीं लगा तो सीआईडी ने उन्हें मोस्ट वांटेड घोषित कर दिया था। एक अखबार के अनुसार सीआईडी ने पहले घोष के खिलाफ पश्चिम मिदनापुर की एक अदालत में आठ अन्य लोगों के साथ एक फ़रार के रूप में चिह्नित करते हुए आरोप-पत्र दायर किया था। घोष के अलावा, उनके पूर्व अंगरक्षक सुजीत मंडल को भी चार्जशीट में एक फ़रार दर्ज किया गया है। 

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