भारतीय सेना ने छेड़ा दुनिया के सबसे खतरनाक सैन्य क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में स्वच्छता अभियान

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए दुनिया की सबसे खतरनाक सैन्य क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर के इको सिस्टम की सुरक्षा के लिए 130 टन ठोस अपशिष्ट को भारतीय सेना ने हटाया। सेना ने ग्लेशियर से ठोस अपशिष्ट हटाने का संकल्प किया है और अब तक 130 टन कचरा हटा दिया गया है, ग्लेशियर में अपशिष्ट की कुल मात्रा 236 टन बताई जा रही है। यह अभियान करीब डेढ़ साल पहले शरू किया गया था। सेना ने आसपास के लोगो में स्वच्छता जागरूकता के कार्यक्रम की भी शुरुआत की है।

236 टन अपशिष्ट में 48 टन बायोडीग्रेडेबल अपशिष्ट है, 40 टन नॉन बायोडिग्रेडेबल नॉन मेटालिक अपशिष्ट है और 41 टन नॉन बायोडिग्रेडेबल अपशिष्ट है। नॉन मेटालिक ठोस अपशिष्ट को खाद में बदलने के लिए लेह में सियाचिन बेस कैंप और बुकांग के पास परतारपुर में इंसीनेटर लगाए गए हैं। लेह में कार्डबोर्ड रिसाइक्लिंग मशीनों की स्थापना की गई है।

सियाचिन ग्लेशियर काराकोरम रेंज में लगभग 12000 फिट की ऊंचाई पर स्थित है। यह दुनिया का सबसे उँचा सैन्य क्षेत्र है। यहाँ पर सैनिकों को ठंडी और तेज हवाओं से जूझना पड़ता है। बीते 10 वर्षों में हमने इस क्षेत्र में ठंड से 163 सैनिक खोए हैं। यहाँ पर 1984 से सैन्य तैनात किए गए हैं।

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# इकोसिस्टम #सियाचिन #स्वच्छभारत

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