भारत ने मंगलवार को वनडे क्रिकेट में अपनी 500वीं जीत दर्ज की

स्पोर्ट्स,

नागपुर .ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में खेले गए दूसरे वनडे मैच में भारत जीत का फेवरिट नहीं था। टीम इंडिया ने यहां पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 250 रन ही टांगे थे। मैच के अंतिम ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए सिर्फ 11 रन की दरकार थी।

भारत ने मंगलवार को वनडे क्रिकेट में अपनी 500वीं जीत  दर्ज की. उसने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे वनडे में हराकर यह उपलब्धि हासिल की. इस बेहद रोमांचक मुकाबले का सबसे बड़ा हीरो वह खिलाड़ी रहा, जिसने इस मैच से पहले ना तो कभी विकेट लिया था और ना ही कभी फिफ्टी बनाई थी. जी हां, इस मैच में मैन ऑफ द मैच भले ही विराट कोहली  को मिला हो, लेकिन जीत के असली हीरो तो विजय शंकर ही रहे.

तमिलनाडु के विजय शंकर   ने नागपुर में खेले गए दूसरे वनडे में मैच में 46 रन की दमदार पारी खेली. हालांकि, उनके खेल का जादुई रंग मैच के आखिरी ओवर में दिखा. इस ओवर में ऑस्ट्रेलिया को 11 रन बनाने थे. क्रीज पर मार्कस स्टोइनिस  थे, जो 52 रन की पारी खेलकर डटे हुए थे. भारत के पास इस ओवर में गेंदबाजी कराने के लिए दो विकल्प थे. पहले मीडियम पेसर विजय शंकर और दूसरा ऑफ स्पिनर केदार जाधव. 

विजय शंकर आखिरी ओवर से पहले एक ओवर फेंक चुके थे, जिसमें 13 रन दिए थे. केदार जाधव ने 8 ओवर में 33 रन देकर एक विकेट लिया था. बहरहाल, कप्तान विराट कोहली ने विजय को गेंद सौंप दी. विजय अपना छठा मैच खेल रहे थे और उन्होंने अपने पूरे वनडे करियर में एक भी विकेट नहीं लिया था. जाहिर है, दबाव भारतीय गेंदबाज पर था. 

28 साल के विजय शंकर 120 से 130 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं. जब उनके हाथों में गेंद आई, तो क्रिकेटप्रेमियों को उनकी स्पीड के ही कारण ज्यादा चिंता हो रही थी. ऐसा लग रहा था कि स्टोइनिस उनकी गेंद पर आसानी से हिट लगा देंगे. और यहीं पर स्टोइनिस से गलती हो गई. वे मैच में पहली बार विजय के सामने थे. ना तो उन्हें विजय की स्पीड का अंदाजा था और ना ही लाइन-लेंथ का. इसके बावजूद वे यह प्लान कर बैठे थे कि बड़ी हिट लगानी है. 

विजय शंकर भी आधे घंटे से आखिरी ओवर फेंकने की तैयारी कर रहे थे (उन्होंने मैच के बाद बताया). आखिरी ओवर फेंकने आए तो जसप्रीत बुमराह  ने उन्हें बताया कि गेंद को रिवर्स स्विंग मिल रही है. अब विजय का काम आसान हो गया. उन्होंने विकेट टू विकेट और फुल लेंथ गेंद डाली, जो रिवर्स स्विंग होकर थोड़ा अंदर झुकी. दूसरी ओर, स्टोइनिस फुललेंथ गेंद देखकर ललचाए और बड़ी हिट की तलाश में जोर से बल्ला घुमाया. उनका बल्ला घूमकर हवा में लहरा चुका था और गेंद पैड से टकराकर वहीं थम चुकी थी. चंद पलों के बाद अंपायर की उंगली आसमान की ओर उठी हुई थी, जहां तिरंगा लहरा रहा था. विजय शंकर की तीसरी गेंद यार्कर थी, जिसने सिर्फ डंडे नहीं बिखेरे, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के अरमानों को भी बिखेर दिया था. बीसीसीआई ने इस ओवर का वीडियो ट्वीट किया है .

View image on Twitter

अंतत: भारत ने यह मैच 8 विकेट से जीता. यह वनडे क्रिकेट में भारत की 500वीं जीत है. उससे ज्यादा जीत सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के खाते में दर्ज है. उसने 924 मैचों मसें 558 मे जीत दर्ज की है. भारत को 500 मैच जीतने के लिए 963 मुकाबलों में उतरना पड़ा है. भारत अब तक 414 वनडे मैचों में हारा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया को 323 मैचों में हार मिली है.


Tag In

#bccci #vijay shankar #virat kholi #Virat Kohli ICC

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *