भूखमरी में पाकिस्तान से भी पीछे है भारत

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ले पंगा न्यूज डेस्क, चंदना पुरोहित। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत का ग्राफ लगातार नीचे गिरता जा रहा है। 2014 में हुए सर्वे में भारत 77 देशों की भूख की सूचि में भारत 55वें स्थान पर था वहीं 2019 में भारत का नंबर 117 देशों की सूची में 102 स्थान पर है। वार्षिक वैश्विक सूचकांक, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तरों पर भूख को मापने और ट्रैक करने और भूख का मुकाबला करने में प्रगति और असफलताओं का आकलन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में दक्षिण एशियाई देशों में पाकिस्तान का 94 नंबर है तो बांग्लादेश का 88 नंबर है। नेपाल 73 स्थान पर है तो श्रीलंका 66 वे स्थान पर है। इसका मतलब है की पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशो से भी पीछे है भारत अपनी जनता की भूख मिटाने में।

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भारत उन 45 देशों में शामिल है, जिनमें भूख के कारण गंभीर संकट पैदा होते हैं। भारत में 6 से 23 महीने की उम्र के सभी बच्चों में से केवल 9.6 फीसदी को न्यूनतम स्वीकार्य आहार दिया जाता है। रिपोर्ट बताती है की भारत में खुले में शौंच अब भी जारी है जबकी पीएम मोदी भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर चुके हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि यह स्थिति जनसंख्या के स्वास्थ्य को खतरे में डालती है और फलस्वरूप बच्चों की वृद्धि और विकास क्षमता से भी समझौता है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स कुपोषण, शिशु मृत्यु दर, चाइल्ड वेस्टिंग और बच्चों की वृद्धि में रोक के पैमानों पर देशों को परखता है।

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रिपोर्ट में नेपाल और बांग्लादेश का विशेष उल्लेख किया गया है की इन दो देशों ने अपने देश में भूख को मिटाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है और प्रगति की है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में नंबर नीचे होने का मतलब यह है कि भारत में लोगों को भर पेट खाना नहीं मिल पा रहा हैं और बच्चे कुपोषित हैं। अगर हमारे लोगों के पास पेट भर खाने को खाना नहीं है तो और किसी भी तरह की प्रगति का कोई फायदा नहीं है।

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