मुंबई में फुटओवर ब्रिज गिरने से 6 लोगों की मौत, 35 से अधिक घायल

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ले पंगा न्यूज डेस्क, देवेन्द्र कुमार। मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल रेलवे स्टेशन के पास गुरूवार को एक फुटओवर ब्रिज गिर गया। ब्रिज के गिरने से 35 लोगों के घायल होने और 6 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। हादसे के बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है कि वो इस मामले की जांच करवाएंगे। मुंबई में इससे पहले भी फुटओवर ब्रिज गिरने कई मामले सामने आ चुके हैं इसके बाद भी सरकार इस मुद्दे को लेकर सतर्क नजर नहीं आ रही है। तीन-तीन बार फुटओवर ब्रिज गिरने के मामले से सरकार की लापरवाही साफ नजर आती है। ब्रिज के नीचे चल रहे लोगों के साथ साथ एक टैक्सी भी क्षतिग्रस्त हुई है।

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मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन के पास गुरुवार को फुटओवर ब्रिज का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में तीन महिलाओं समेत 6 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राहत व बचाव दल ने मौके पर पहुंच कर घायल लोगों को मलबे से निकाला। मलबे में दबे लोगों को राहत बचाव दल की सहायता से निकालकर स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह ओवर ब्रिज स्टेशन से टाइम्स ऑफ इंडिया की बिल्डिंग को जोड़ता है।

बीएमसी के आयुक्त अजॉय मेहता का कहना है, ‘मैंने ढांचागत ऑडिट से जुड़े दस्तावेजों की कस्टडी मांगी है. एक बार इसे देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी.’

अधिकारियों का कहना है कि फुटओवर ब्रिज लगभग 35 साल पुराना था और इसकी आखिरी बार 2010-11 में मरम्मत की गई थी.

एक अधिकारी ने कहा, ‘2016 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत ब्रिज के उत्तरी हिस्से का सौंदर्यीकरण किया गया था लेकिन इसकी मरम्मत नहीं की गई थी. इसमें ब्रिज की टाइल बदली गई थी और नया पेंट किया गया था.’

जनवरी 2019 में बीएमसी ने 50 से अधिक ब्रिजों, फ्लाइओवर, फुटओवर ब्रिज और स्काइवॉक की मरम्मत के लिए 65 करोड़ रुपये खर्च किए थे. अधिकारियों का कहना है कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर गुरुवार को जो ब्रिज ढहा है, उसे स्ट्रक्चरल ऑडिट में फिट करार दिया गया था और सिर्फ मामूली मरम्मत की सिफारिश की गई थी. 314 ब्रिजों के ऑडिट में 14 ब्रिजों के पुनर्निर्माण और विध्वंस की सिफारिश की गई थी, जिनमें पांच फुटओवर ब्रिज शामिल थे.

रेलवे की नहीं कोई गलती, बीएमसी की जिम्मे था ब्रिज

मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन के पास गुरुवार को फुटओवर ब्रिज का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में तीन महिलाओं समेत 6 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राहत व बचाव दल ने मौके पर पहुंच कर घायल लोगों को मलबे से निकाला। मलबे में दबे लोगों को राहत बचाव दल की सहायता से निकालकर स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह ओवर ब्रिज स्टेशन से टाइम्स ऑफ इंडिया की बिल्डिंग को जोड़ता है। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे का बयान ना केवल बचकाना है बल्कि बृह्न मुंबई नगर महापालिका में भाजपा व शिवसेना की साझा सरकार है। बीते दिनों शिवसेना और भाजपा का विवाद चरम पर था। मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के मुताबिक ब्रिज की देखभाल का जिम्मा बीएमसी का था। रेलवे का इससे कोई लेना देना नहीं था।

मुंबई की लाइफ लाइन का अहम हिस्सा था यह ब्रिज

बीएमसी बिल्डिंग से सटा और सीबीटी रेलवे स्टेशन से जुड़ा यह फुटओवर ब्रिज मुंबई की लाइफ लाइन का अहम हिस्सा था। इसी ऑवर ब्रिज से टाइम्स ऑफ इंडिया और नवभारत टाइम्स की बिल्डिंग जुड़ी हुई थी। हादसे में मरने वालों की संख्या कम हुई है। ये मुंबईकरो का सौभाग्य था कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय भीड़ कम होने लगी थी। मुंबई के अहम न्यायालय और कामा अस्पताल जैसे कई सरकारी कार्यालय और नगर निगम के दफ्तर से शाम के वक्त हजारों की संख्या में कर्मचारी घर के बाहर निकलते हैं।

मृतको के परिजनों को 5 लाख व घायलों को 50 हजार देने की घोषणा

हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए महाराष्ट्र3 सरकार ने 5-5 लाख रुपए एवं घायलों को उपचार के लिए 50-50 हज़ार रुपए के मुआवजे की घोषणा की है। इसके अलावा सरकार ने रेलवे और बीएमसी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सीएम ने कहा कि कुछ समय पहले ही इस पुल की ऑडिट हुई थी जिसमें इसे फिट पाया गया था लेकिन इस घटना से ऑडिट टीम पर सवाल उठता है। उन पर कड़ी कारर्वाई करेंगे।

इस बीच, मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसे में मौतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, “मृतक परिजनों के साथ मेरी सद्भावनाएं हैं। घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना की है।

हिमालया ब्रिज को कहते हैं कसाब ब्रिज

डी.एन.रोड के ऊपर से गुजरनेवाला यह ब्रिज “हिमालया ब्रिज” के नाम से जाना जाता है और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को आजाद मैदान पुलिस स्टेशन की ओर जानेवाली गली से जोड़ता है। 26/11 के आतंकी हमले के दौरान पाकिस्तानी आतंकी कसाब और उसका साथी इसी ब्रिज से होकर कॉमा अस्पताल पहुंचे थे। दक्षिण मुंबई से निकलकर उपनगरीय मुंबई और ठाणे के लिए जाने वाले इसी मार्ग से गुजरते हैं। दुर्घटना के बाद यह मार्ग बंद कर दिया गया है। मलबा हटाने की कोशिश की जा रही है।

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पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

मुंबई में गुरूवार को हुए इस हादसे से पहले भी महाराष्ट्र में तीन फुटओवर ब्रिज गिर चुके हैं। इस बात से यह जाहिर होता है कि महाराष्ट्र की सरकार लोगों के प्रति कितनी लापरवाह है। इससे पहले मुंबई में 2017 व 2018 में भी दो फुटओवर ब्रिज गिर चुके हैं। पहला मामला 2017 का है जब 27 सिंतबर को मुंबई के ही एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर रेल पुल गिरने का बड़ा मामला सामने आया था। इसके अलावा 2018 में 3 जुलाई को मुंबई के ही अंधेरी में एक फुटओवर ब्रिज गिर गया था। इन दोनों मामले में भी जान माल की हानि हुई थी।

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