lepannga.com

मुलायम की माया, मायावती को मुलायम बनाकर एक मंच पर खींच लाई

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो बड़े चेहरे 24 साल की लंबी खींचतान के बाद एक बार फिर मंच साझा करते नजर आए। सपा नेता मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने मैनपुरी में संयुक्त रैली की। मैनपुरी में आयोजित हुई इस रैली में मायावती ने मुलायम के लिए प्रचार किया। मायावती ने कहा- मुलायम सिंह जी वास्तविक हैं और असली भी हैं। मायावती ने रैली में कहा कि वे भाजपा की तरह नकली या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी रूप से पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। मायावती ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मुलायम को मैनपुर में आप रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जिताएं।

मुलायम सिंह ने जताया मायावती का आभार

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह ने रैली में मायावती का आभार जताया। मुलायम सिंह ने कहा कि एक लंबे समय के बाद फिर से साथ आने पर मैं मायावतीजी का अभिनंदन करता हूं। उम्मीद है कि सपा-बसपा का गठबंधन राज्य में भारी मतों से जीतेगा। उन्होंने कहा कि मायावती जी का बहुत सम्मान करना, क्योंकि जब भी समय आया मायावती जी ने हमेशा हमारा साथ दिया है। हमें खुशी है कि हमारे समर्थन के लिए वे आईं हैं।

रैली के दौरान मायावती ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए कहा कि असली नकली की पहचान करो। नकली पिछड़ा व्यक्ति कभी देश का भला नहीं कर सकता ऐसे लोगों से धोखा मत खाना। पिछड़ों के असली नेता तो मुलायम जी हैं इन्हें चुनकर संसद में भेजना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की संकीर्णवादी सांप्रदायिक नीतियों के कारण इनकी सरकार दोबारा नहीं आएगी। उनकी जो चौकीदारी का नाटक है वो भी उन्हें नहीं बचा पाएगा। काला धन और 15 लाख रूपए के मुद्दे पर भी उन्होंने मोदी पर हमला बोला।

रैली में अखिलेश यादव ने की नए प्रधानमंत्री की मांग

रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा, “आज ऐतिहासिक क्षण है। मायावती ने जनता से अपील की है कि नेताजी को बहुमत से जिताएं। मुझे पूरा भरोसा है कि जिस नेताजी ने हमें जगाने का काम किया, मैनपुरी की जनता उन्हें ऐतिहासिक मतों से जिताने जा रही है।” उन्होंने कहा कि हमें नया प्रधानमंत्री बनाना है जब नया प्रधानमंत्री बनेगा तभी देश नया बनेगा।

रालोद के अजित सिंह रैली में नहीं आए नजर

रैली में माया-मुलायम के अलावा अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। रालोद प्रमुख अजित सिंह भी रैली में भाग लेने के लिए आने वाले थे, लेकिन रालोद प्रमुख अजित सिंह वहां मौजूद नहीं थे। 1995 में सपा-बसपा ने गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ा था, इसके बाद गेस्ट हाउस कांड के कारण दोनों दलों में दूरियां हो गईं थीं। उसी दूरी को कम करते हुए आज मायावती और मुलायम एक मंच पर आए हैं।

Tag In

# Mulayam singh Yadav #BSP chief Mayawati #lepannga news #lepannga news hindi #mulayam BSP mayawati

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *