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मोदी और मायावती के संग्राम से जातिकरण समीकरण को मिली हवा

राजनीति,

लेपंगा न्यूज डेस्क, अशोक योगी। मोदी और मायावती की जुबानी जंग अब ट्वीटर जंग हो गई है। शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने गठबंधन पर जातिवादी होने का जो आरोप लगाया है, वह हास्यास्पद और अपरिपक्व है। मायावती ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “मोदी अपने को जबर्दस्ती पिछड़ा बनाकर राजनीतिक स्वार्थ के लिए जातिवाद का खुलकर इस्तेमाल करते हैं, वे अगर जन्म से पिछड़े होते तो क्या आरएसएस उन्हें कभी भी प्रधानमंत्री बनने देता? आगे मायावती ने कहा कि वैसे भी कल्याण सिंह जैसों का आरएसएस ने क्या बुरा हाल किया है, क्या यह देश नहीं देख रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा के दौरान एसपी-बीएसपी गठबंधन को ‘महामिलावटी’ करार देते हुए कहा था कि इन पार्टियों का एक ही मंत्र है, ‘जात-पात जपना, जनता का माल अपना।

 

बताया जा रहा है कि मायावती और प्रधानमंत्री मोदी के आरोप-प्रत्यारोप के बाद जाति का मुद्दा फिर चुनाव प्रचार के केंद्र में आता नजर आ रहा है। इस कारण बिहार, यूपी और झारखंड की जिन सीटों पर चुनाव होना बाकी है, वहां जाति का फैक्टर वोटों के ध्रुवीकरण में बड़ी भूमिका सकता है।

जाति का मुद्दा नहीं है नया

प्रधानमंत्री मोदी की जाति का मुद्दा नया नहीं है। जैसा कि 7 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने खुद कहा था, ‘भाइयो बहनों, ये तो इतिहास की सच्चाई है कि मैं नीची जाति में पैदा हुआ हूं लेकिन मैं देश को भरोसा देता हूं मेरी राजनीति निम्न स्तर की नहीं है। मैं पैदा हुआ हूं नीची जाति में लेकिन मेरा सपना है एक भारत श्रेष्ठ भारत। साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे तब बीजेपी के पीएम कैंडिडेट के रूप में पहली बार उन्होंने देश के सामने पिछड़ी जाति में अपनी पैदाइश का खुलासा किया। लेकिन पिछले वर्षों में पीएम मोदी जाति पर और नए बयान सामने आए, जिसके बारे में पीएम मोदी हाल ही में देश को अवगत करवा चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने 27 अप्रैल को कन्नौज में कहा, ‘आपके लिए पिछड़ी जाति में पैदा होना राजनीति का खेल होगा, मेरे लिए पिछड़ी जाति में पैदा होना मां भारती की सेवा करने का सौभाग्य है और कुछ नहीं. और बहन जी महामिलावटी लोग मेरी जाति तो इतनी छोटी है, गांव में एकाध घर भी नहीं होता है और मैं तो पिछड़ा नहीं अति पिछड़े में पैदा हुआ हूं.’ ये 27 अप्रैल का भाषण है जो पीएम मोदी ने कन्नौज में दिया था और अति पिछड़ी जाति में पैदा होने को अपना सौभाग्य माना था लेकिन मायावती ऐसा नहीं मानतीं।

जिस पर मायावती ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी जन्म से ओबीसी नहीं हैं इसलिए उन्होंने जातिवाद का दंश नहीं झेला है। ऐसी बेतुका बातें नहीं करनी चाहिए कि हमारा गठबंधन जाति के नाम पर वोट ले रहा है। ये सही नहीं था। मोदी जबरदस्ती खुद को पिछड़ा बताकर जातिवाद का प्रयोग कर रहे है।

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