मोदी की सिफारिश कल्याण सिंह को पड़ी भारी

लोकसभा 2019,


ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। आजाद भारत के इतिहास में दूसरी बार किसी गवर्नर को सैंविधानिक पद पर रहते हुए लोकसभा चुनाव के दरमियान राजनितिक दल को जिताने की सिफारिश करते हुए अपना पद गवांना पडा। गौरतलब है कि राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह ने अलीगढ़ में केंद्र में मोदी सरकार बनाने की सिफारिश की थी। ऐसी ही सिफारिश 1993 में हिमाचल के तत्कालीन राज्यपाल राज्यपाल गुलशेर अहमद ने मध्यप्रदेश की सतना लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सैय्यद अहमद के पक्ष में की थी। अहमद ने उस समय के मानव संसाधन मंत्री अर्जून से अपने बेटे को चुनाव जिताने की सिफिरश की थी। जो उन दिनों सुर्खियों मे रहा। और राज्यपाल गुलशेर अहमद को अपना पद त्यागना पड़ा। ऐसा ही कुछ मामला कल्याण सिंह के साथ हो गया है। चुनाव आयोग ने कल्याण सिंह के बयान को आचार सिंहता का उल्लंघन माना है। आज चुनाव आयोग तय करेगा कि इस मामले को और कल्याण सिंह की बर्खास्तगी को लेकर राष्ट्रपति को सिफारिश भेजी जाए या नहीं।

कल्याण सिंह ने अलीगढ़ में कही थी ऐसी बात

कल्याण सिंह ने बीती 23 मार्च को कहा था – हम सब भाजपा कार्यकर्ता हैं और चाहते हैं कि भाजपा विजयी हो। हम मोदीजी को एक बार फिर देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। यह देश के बहुत अहम है।

कल्याण सिंह की इस बात पर बवाल मचा क्योंकि वे राज्यपाल हैं और ऐसे किसी संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति किसी पार्टी या व्यक्ति के पक्ष में बयान नहीं दे सकता है।

चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में पुष्टि हुआ कि कल्याण सिंह ने खुद को एक भाजपाई बताया था।

Tag In

#chunav aayog #kalyan singh #modi-sarkar modi modi ralliy

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *