मोदी सरकार को झटका, राफेल मामले पर सुनवाई के लिए तैयार कोर्ट

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले के खिलाफ दायर रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। सीजेआई रंजन गोगोई की पीठ ने यह फैसला लिया है। कोर्ट ने कहा है कि वह राफेल पर समीक्षा याचिकाओं की सुनवाई के लिए तारीख तय करेगा। राफेल मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया। और रक्षा मंत्रालय से लीक हुए दस्तावेजों की वैधता को मंजूरी दे दी है।

याचिकाकर्ता के दस्तावेज अब सुनवाई का हिस्सा होंगे

कोर्ट के फैसले के अनुसार, याचिकाकर्ता के दिए दस्तावेज अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का हिस्सा होंगे। सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने एक मत से यह फैसला सुनाया है। इस बेंच में सीजेआई गोगोई के अलावा जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल हैं। आपको बता दें कि राफेल मामले में कोर्ट को इस बात का फैसला लेना था कि इससे संबंधित डिफेंस के जो दस्तावेज लीक हुए हैं, उस आधार पर रिव्यू पिटिशन की सुनवाई की जाएगी या नहीं।

कोर्ट ने कहा सुनवाई मेरिट बेस पर होगी

कोर्ट ने राफेल समीक्षा याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई कोर्ट मेरिट बेस पर करेगा। कोर्ट के द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अब दोबारा राफेल मामले की नये सिरे से सुनवाई की जाएगी। इससे पहले हुई सुनवाई में मोदी सरकार ने कहा गया था कि विशेषाधिकार वाले जिन गोपनीय दस्तावेजों को पुनर्विचार याचिका का आधार बनाया गया है, उन्हें इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 123 के अनुसार सबूत नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस आपत्ति पर अपना फैसला 14 मार्च की सुनवाई के बाद सुरक्षित रख लिया था।

मोदी सरकार ने दी थी यह दलील

पूर्व में हुई सुनवाई में मोदी सरकार ने दलील दी गई थी कि प्रशांत भूषण द्वारा रिव्यू पिटिशन के साथ पेश किए गए दस्तावेज प्रिविलेज्ड दस्तावेज हैं और ये राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। मोदी सरकार ने कहा था कि ये दस्तावेज गोपनीय है और आरटीआई के अपवाद में है। इसलिए इंडियन एविडेंस ऐक्ट के तहत गोपनीय दस्तावेज पेश नहीं किया जा सकता। इस पर वकील प्रशांत भूषण ने अपने जवाब में कहा था कि राफेल सौदे के दस्तावेज, जिन पर अटॉर्नी जनरल विशेषाधिकार का दावा कर रहे हैं, वो प्रकाशित हो चुके हैं और ये पहले से ही सार्वजनिक दायरे में हैं। राफेल मामले में समीक्षा याचिका दाखिल करने वाले आरूण शौरी ने कहा, “हमारा तर्क यह था कि दस्तावेज रक्षा से संबंधित हैं, इसलिए उनकी जांच करनी चाहिए। कोर्ट ने साक्ष्य मांगे और हमने पेश कर दिया। इसलिए कोर्ट ने हमारी दलीलों को स्वीकार कर लिया है और सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया है।”

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आ गई है। कांग्रेस ने इस फैसले को भारत के लिए जीत बताया है। कांग्रेस ने कहा कि राफेल याचिका की समीक्षा के लिए हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। फैसले के बाद से कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावार हो गई। कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक ट्वीट के जरिए कहा कि, “सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सम्मानित कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा है। मोदीजी ने राफेल पर अपने भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम लागू करने की धमकी दी थी। मोदीजी चिंता मत करो, अब जांच होने वाली है। चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं।”

दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने भी मोदी पर उठाए सवाल

कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं। केजरीवाल ने भी ट्वीट के जरिए कहा है, “मोदी जी हर जगह कह रहे थे कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राफेल में क्लीन चिट मिली है। आज के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साबित हो गया कि मोदी जी ने राफेल में चोरी की है, देश की सेना से धोखा किया है और अपना जुर्म छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया।”

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