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राजस्थान में बागियों की घर वापसी की तैयारी में जुटी बीजेपी, विधानसभा चुनाव में हुए थे बागी

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज़ डेस्क, तीर्थ राज । लोकसभा चुनाव में कुछ ही समय बाकि है और तमाम राजनीतिक पार्टियां खुद को मजबूत करने के लिए कमर कस फिल्ड में उतर चुकी है। इसी कड़ी में बीजेपी राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से बागी हो चुनाव मैदान में कूदने वाले कुछ रसूखदार नेताओं की घरवापसी की तैयारी में है । भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान में मिशन 25 को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन के बड़े नेताओं की सलाह पर इस बारे में बातचीत चल रही है।

विधानसभा चुनाव में बागियों की घर वापसी में जुटी बीजेपी

बीजेपी सूत्रों की मानें तो आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी उन बागियों की घर वापसी कराने में लगी है, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में अपने स्तर पर बड़ी संख्या में वोट जुटाए। जिनमें हेम सिंह भडाना, धन सिंह रावत और राजकुमार रिणवां जैसे बड़े नेता शामिल हैं। बीजेपी महामंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, ‘बातचीत चल रही है। कुछ लोगों ने पार्टी संगठन में आवेदन किया है कि वे दोबारा जुड़ना चाहते हैं। ऐसे आवेदनों पर विचार चल रहा है।’

हाल ही के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के बागी नेता –

  • हेमसिंह भड़ाना (थानागाजी), – सुरेंद्र गोयल (जैतारण), – राधेश्याम गंगानगर (गंगानगर),
  • लक्ष्मीनारायण दवे (मारवाड़ जंक्शन), – अनिता कटारा (सागवाड़ा), – राजकुमार रिणवां (रतनगढ़),
  • रामेश्वर भाटी (सुजानगढ़), – कुलदीप धनकड़ (विराटनगर), – दीनदयाल कुमावत (फुलेरा),
  • किसनाराम नाई (श्रीडूंगरगढ़), – धनसिंह रावत (बांसवाड़ा)

ये ऐसे नेताओं के नाम हैं जिन पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के पर पार्टी ने कार्रवाई करते हुए इन्हें पार्टी से निकालने की कार्रवाई की थी। इनमें हेमसिंह भड़ाना व कुलदीप धनकड़ जैसे कई नेता तो अकेले अपने दम पर अच्छे खासे वोट हासिल कर परिणाम तालिका में दूसरे या तीसरे स्थान पर रहने में कामयाब रहे हैं। इसलिये पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव में राजस्थान में अपने मिशन 25 को साधने के लिए इन बागियों को फिर से साथ लाने की ओर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है।

शुरू हो चुकी है बातचीत, केन्द्रीय नेतृत्व लेगा अंतिम फैसला

राजनीतिक पंडितों की मानें तो साल 2014 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान में पूरी की पूरी 25 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी को अब आगामी लोकसभा चुनाव में इन सीटों की फिक्र होना लाज़मी हैं। ऐसे में पार्टी में यह बात जोर-शोर से हो रही है कि बागियों की घर वापसी की ओर कदम उठाये जाएं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार हाल ही में प्रदेश के दौरे पर आए बीजेपी के संगठन महामंत्री रामलाल द्वारा ही पार्टी से बागी हुए ऐसे नेताओं की घर वापसी पर विचार करने की बात कही गई थी और इस क्रम में बातचीत शुरू की जा चुकी है लेकिन अंतिम फैसला दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व ही लेने वाला है।

180 के लक्ष्य वाली बीजेपी विस चुनाव में 73 सीटों पर सिमटी थी

भारतीय जनता पार्टी को अपने बागी नेताओं की फिक्र होना इसलिये भी सही है, क्योंकि बीते साल के दिसंबर में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनावों में 180 से अधिक सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चलने वाली बीजेपी सिर्फ 73 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। जिनमें से कई सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी के इन बागियों ने पार्टी को बड़ा नुकसान पहुंचाते हुए हार-जीत के आंकड़ों को बदल डाला था। जिसमें टिकट नहीं मिलने से पार्टी के एक दर्जन से अधिक नेता बागी होकर मैदान में कूद गए जिनमें कई तत्कालीन मंत्री और विधायक शामिल थे। इनमें से जीते तो ज्यादा नहीं लेकिन उन्होंने बड़ी संख्या में वोट हासिल कर न केवल अपनी ताकत दिखाई बल्कि पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी को सीधा नुकसान पहुंचाया था।

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