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रात नौ बजे के बाद होलिका दहन, दूर होगा शनि दोष

धर्म,

ले पंगा न्यूज डेस्क अशोक योगी। वैसे तो हर त्यौहार का अपना एक रंग होता है रंग-गुलाल और उल्लास का त्योहार इस बार 20-21 मार्च को मनाया जाएगा। होली गुरुवार के दिन उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में मनेगी। यह नक्षत्र सूर्य का है। सूर्य आत्मसम्मान, उन्नति, प्रकाशि आद का कारक है। होली पर इस बार दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। जो लगभग सात साल बाद ऐसा संयोग बना है। इन संयोगों के बनने से कई अनिष्ट दूर होंगे। जब सभी ग्रह सात स्थानों पर होते हैं, वीणा योग का संयोग बनता है। होली के दिन इस बार वीणा संयोग व मातंग योग बन रहा है। फाल्गुन कृष्ण अष्टमी 14 मार्च से होलाष्टक की शुरुआत हो गई है। होलाष्टक आठ दिनों को होता है। लगभग सात वर्षों के बाद देवगुरु बृहस्पति के उच्च प्रभाव में गुरुवार को होली मनेगी। वहीं, होलिका दहन 20 मार्च को रात 9 बजे के बाद किया जाएगा।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन कभी भी भद्रा काल में नहीं किया जाता। इस बार होली पर करीब 10 घंटे तक भद्राकाल रहेगा। भद्राकाल सुबह 10.46 शुरू होगा और रात्रि 8.58तक रहेगा। भद्रा काल के कारण इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त का समय शाम से न होकर रात 9 बजे से शुरु होगा। इसलिए होलिका दहन रात 9 बजे के बाद ही किया किया जाएगा। होलिका दहन रात नौ बजे से शुरू हो जाएगा और 12 बजे तक चलता रहेगा। होलिका दहन और होली, दोनों दिन पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र पड़ रहे हैं। स्थिर योग में आने के कारण होली को शुभ पर्व माना गया है।

होलिका पूजन विधि

ज्योतिषाचार्य के अनुसार होलिका दहन से पूर्व होली का पूजन करने का विधान है। इस दौरान पूजा करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठना चाहिए। पूजन करने के लिए माला, रोली, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल, पांच प्रकार के अनाज में गेंहू की बालियां और साथ में एक लोटा जल लेकर होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए।

पितृ दोष से मुक्ति

ज्योतिषाचार्य का कहना है कि होलिका की रात्रि के समय पूजा करने से जन्मपत्रिका में व्याप्त कुछ दोषों को कम किया जा सकता है। इस बार होलिका की पूजा शनि दोष और पितृ दोष को भी दूर करने में सहायता करेगी। इसके साथ ही गन्ना भूनने और परिक्रमा करने से भी दोष दूर होते हैं। परिक्रमा की संख्या के अनुसार हर राशि की ग्रह बाधा दूर होती है।

होली पर्व तिथि व मुहूर्त 2019
होली 20 मार्च 2019
होलिका दहन मुहूर्त- 20:57 से 00:28
भद्रा पूंछ- 17:23 से 18:24
भद्रा मुख- 18:24 से 20:07
रंगवाली होली- 21 मार्च
पूर्णिमा तिथि आरंभ- 10:44 (20 मार्च)
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 07:12 (21 मार्च)

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#दुर्लभ संयोग #देवगुरु बृहस्पति #भद्रा काल #होलिका दहन

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