राबर्ट बाड्रा भी सक्रीय राजनीत में किस्मत आजमाएंगे

लोकसभा 2019,

राबर्ट बाड्रा भी सक्रीय राजनीत में किस्मत आजमाएंगे ,फेसबुक पोस्ट पर बाड्रा ने केंद्र सरकार पर जम कर हमला बोला,प्रियंका गाँधी के पति राबर्ट ने लिखा की बीजेपी ने पिछले कई वर्षो उनको बदनाम करने कि कोशिश कि,वाड्रा ने  लिखा, ‘देश के लोगों ने इस तौर-तरीके को जान लिया है और उन्हें पता चल गया है कि इन आरोपों में कोई दम नहीं है. लोग मेरे पास आते हैं और मेरे अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं देते हैं. जिन बच्चों को मैंने मदद पहुचाई है, उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा और मजबूती पाई. दृष्टिहीन बच्चों के स्कूल, मदर टेरेसा मिशन, अनाथालयों, अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर मैं जाता रहा और अस्पताल-मंदिरों के बाहर भूखे लोगों को खाना खिलाया.’ ‘देश में आई आपदा के वक्त भी मदद की. केरल और नेपाल के अलावा आपदा से जूझते अन्य क्षेत्रों में मदद पहुंचाई जिससे मुझे काफी संतोष मिला और बहुत कुछ सीखा भी. अब दिल्ली, राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चक्कर लगा रहा हूं. बीते 8 दौर की कई घंटों की पूछताछ में मैंने कानून का पूरी तरह पालन किया क्योंकि निश्चित तौर पर मैं कानून से ऊपर नहीं हूं. मैं ऐसा व्यक्ति हूं जिसने हर घटना से कुछ न कुछ सीखा है.’ उल्लेखनीय  है कि बाड्रा समय समय पर अपने फेस बुक पोस्ट पर लिखते रहते है .वाड्रा ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने साल दर साल देश के कई हिस्सों में कैंपेनिंग की लेकिन यूपी का अनुभव कुछ खास रहा है. उन्होंने लिखा, ‘खासकर यूपी ने मुझे लोगों के लिए कुछ करने, उनमें छोटे-छोटे बदलाव लाने का अहसास दिया. उनके पास मैं गया और उन्होंने मुझे समझा, प्यार दिया. उनके आदर ने मुझे काफी सुखद अनुभव दिया है. इन कई वर्षों के तजुर्बे और सीख को यूं ही जाया नहीं होने दिया जा सकता..इसका अच्छा से अच्छा उपयोग होना चाहिए. एक बार मेरे ऊपर लगे सभी आरोप हट जाएं, तो मैं बड़े स्तर पर लोगों की सेवा में लगूंगा.’ बाड्रा ने लिखा कि देश के वास्तविक मुद्दों पर से ध्यान हटाने के लिए एक दशक से अधिक विभिन्न सरकारों ने मुझे बदनाम करने की कोशिश की।

देश के लोगों ने धीरे-धीरे महसूस किया कि इन आरोपों में कोई भी सच्चाई नहीं है। लोग इस झूठ से बाहर निकले और मुझपर विश्वास जताया, एक बेहतर भविष्य की शुभकामनाओं के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद।

मैं जिन बच्चों के बीच में जाता था वहां से लेकर नेत्रहीन विद्यालय तक, मदर टेरेसा के विचारों से, विभिन्न धर्मों के पूजा स्थलों पर जाकर, अनाथालयों में जाकर सेवा करने से, अस्पतालों, मंदिरों के बाहर भूखे और गरीब लोगों को खाना खिलाने से तक बहुत कुछ सीखा और खुद को मजबूत बना कर रखा।

केरल, नेपाल और अन्य स्थानों पर बाढ़ आपदा के दौरान मदद भेजना भी एक संतोषजनक अहसास था और सीखने का अनुभव था।

देश के विभिन्न हिस्सों में काम करते हुए, बहुत दिन रहते हुए मुझे उन लोगों के लिए और अधिक करने की अनुभूति हुई, खास कर यूपी में, जहां मेरी छोटी सी कोशिश बहुत से परिवर्तन कर सकती है। मैंने इन जगहों पर सच्चा प्यार, स्नेह और सम्मान प्राप्त किया जो बहुत वी विनम्रता पूर्वक मुझे मिला।

इन सभी वर्षों के अनुभव और सीख को बर्बाद नहीं किया जा सकता है और इसे बेहतर उपयोग के लिए रखा जाना चाहिए। एक बार मुझ पर लगे इन सभी आरोपों के खत्म हो जाने के बाद, मुझे लगता है कि मुझे लोगों की सेवा करने में एक बड़ी भूमिका समर्पित करनी चाहिए।

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