राबड़ी के बयान से बिहार में सियासी गर्मी बढ़ी

लोकसभा 2019,

प्रवीण कुमार। ले पंगा
बिहार की पूर्व मुख़्यमंत्री राबड़ी देवी के बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई ,राबड़ी देवी ने अपने बयान में कहा की नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनने के लिए महागठबंधन में दोबारा वापस आना चाहते थे.उन्होंने कहा था, “मैं तेजस्वी को 2020 में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहता हूं। आप मुझे पीएम उम्मीदवार घोषित करें। यहां तक कि प्रशांत किशोर हमारे गठबंधन समाप्त होने के बाद भी पांच बार हमसे मिलने आये।”उधर प्रशांत किशोर ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘लालू यादव जी जब चाहें मेरे साथ मीडिया के सामने बैठ जाएं. सबको पता चल जाएगा कि मेरे और उनके बीच क्या बात हुई और किसने क्या ऑफर दिया.’ साथ ही उन्होंने लालू पर तंज कसते हुए कहा कि अब सजायाफ्ता लोग सच के रक्षक बन रहे हैं.
राबड़ी देवी का दावा है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उनके पति लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और नीतीश कुमार के जेडीयू का विलय का प्रस्ताव दिया था.

उन्होंने कहा की प्रशांत किशोर ने लालू प्रसाद से मुलाकात की और प्रस्ताव रखा कि आरजेडी और नीतीश कुमार के जेडीयू का विलय हो जाए और इस प्रकार बनने वाले नए दल को चुनावों से पहले अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए.

राबड़ी देवी ने जोर देते हुए कहा कि प्रशांत किशोर लालू प्रसाद से इस प्रस्ताव को लेकर मुलाकात करने से इनकार करते हैं तो वह ‘सफेद झूठ’ बोल रहे है. आरजेडी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राबड़ी देवी ने कहा, ‘मैं इससे बहुत नाराज हो गई और उनसे निकल जाने को कहा क्योंकि नीतीश के धोखा देने के बाद मुझे उन पर भरोसा नहीं रहा.’

कर्मचारी-सुरक्षाकर्मी हैं सबूत
राबड़ी देवी ने कहा, हमारे सभी कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी इस बात के गवाह हैं कि उन्होंने हमसे कम से कम पांच बार मुलाकात की। इनमें से अधिकांश तो यहीं (दस सर्कुलर रोड) पर हुईं और एक-दो मुलाकात पांच नंबर (पांच देशरत्न मार्ग-छोटे पुत्र तेजस्वी यादव के आवास) पर हुईं. उन्होंने कहा, किशोर को नीतीश कुमार ने इस प्रस्ताव के साथ भेजा था – ‘दोनों दलों का विलय कर देते हैं और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करते हैं. वह दिन के उजाले में आए थे न कि रात में.

अनंत सिंह का लिया नाम
कुमार के इस दावे, कि राजद सुप्रीमो जेल से ही किशोर से बात करते रहे हैं, पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, यहां तक कि हम (परिवार के सदस्य) लोगों को भी उनसे (लालू प्रसाद) फोन पर बात करने का मौका नहीं मिलता है और अनंत सिंह के दावे का क्या जो कहते हैं कि उनके जेल में रहने के दौरान ललन सिंह (मंत्री) नीतीश से टेलीफोन पर बातचीत करवाते थे. माफिया डॉन से राजनीतिज्ञ बने मोकामा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले अनंत सिंह पहले कुमार के निकट थे पर 2015 के चुनाव से पहले उनके रिश्ते खराब हो गए.

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