राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को मिला कैबिनेट रैंक का दर्जा

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ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। 2019 के चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद एक बार फिर से पीएम बने मोदी की दुसरी सरकार का कार्यकाल शुरू हो गया। पीएम मोदी ने नई बनी सरकार में फैसला लिया है। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया है। मोदी सरकार की ओर से उनको दिया गया यह दर्जा पांच साल तक प्रभावी रहेगा। बता दें कि जब 2014 में मोदी की सरकार आई थी तब उसके बाद डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया गया था। गौरतलब है कि अब तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद को राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था।

 

राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान

बता दें कि मोदी सरकार द्वारा डोभाल को यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया है। भारतीय सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइल और एयर स्ट्राइक की योजना का श्रेय एनएसए डोभाल को ही जाता है। इसके अलावा फरवरी में सीआरपीएफ के जवानों पर किए गए पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर जो एयर स्ट्राइक की थी। इस एयर स्ट्राइक की भूमिका और प्लानिंग को लेकर डोभाल ने काफी काम किया था। एयर स्ट्राइक का श्रेय भी डोभाल को दिया जाता है।

 

जानिए अजीत डोभाल के बारे में

 

अजीत डोभाल आईपीएस हैं इनका जन्म 1945 में पौड़ी गढ़वाल में हुआ। डोभाल की पढ़ाई अजमेर मिलिट्री स्कूल में हुई। डोभाल भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। डोभाल 31 मई 2014 से अब तक लगातार देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे हैं। अजीत 1968 केरल बैच के आईपीएस हैं। और ये देश के पांचवें सुरक्षा सलाहकार हैं। नियुक्ति के चार साल बाद ही डोभाल इंटेलीजेंस ब्यूरो से जुड़ गए थे। अजीत डोभाल इससे पहले पाकिस्तान में खुफिया जासूस के तौर पर भी काम कर चुके हैं उन्होंने यह काम सात साल किया। आपको बता दें कि अजीत डोभाल भारत के एकमात्र ऐसे पुलिस अधिकारी हैं जिन्होंने कीर्ति चक्र व शांतिकाल में मिलने वाले गैलेंट्री अवॉर्ड अपने नाम किया है।

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