लोकसभा चुनाव 2019: गहलोत और पायलट में वार…फिर आलाकमान लेंगे निर्णय

लोकसभा 2019,

ले पंगा न्यूज डेस्क। प्रीति दादूपंथी। राजनीतिक गलियारों में यह बात भी जगजाहिर है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच शुरू से ही मतभेद रहे है, जिसके चलते विधानसभा में 99 सीटों पर जीतने के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बन सकी। आखिर में आलाकमान की ओर से अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री और सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री बनाया गया तब जा कर यह विवाद समाप्त हुआ। लेकिन बात यहीं पर आकर खत्म नहीं होती है जब बात मंत्रालय के बटवारों पर आई थी तब भी मामला आलाकमान ने ही निपटाया था।

वैसा ही मामला लोकसभा चुनाव में टिकट बटवारें में देखने को मिल रहा है, कि कांग्रेस ने राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से 15 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार कर लिया है। कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी इस पैनल पर मुहर लगा चुकी है, जिस पर अब केंद्रीय चुनाव समिति इस पैनल को मंजूरी देगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान के कारण 10 लोकसभा सीट पर प्रत्याशियों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि अगले सप्ताह एक बार फिर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी, जिसमें 10 सीटों पर संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे गहलोत और पायलट के बीच सहमति बनाने में जुटे है ।

इन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए गए

जानकार सूत्रों से मिली खबर के अनुसार अलवर लोकसभा से भंवर जितेंद्र सिंह. उदयपुर से रघुवीर मीणा, डूंगरपुर-बांसवाड़ा से ताराचंद भगोरा, झालावाड़-बारां से उर्मिला जैन, बाड़मेर से मानवेंद्र सिंह, सीकर से सुभाष महरिया, झुंझुनूं से राजबाला ओला, जोधपुर से वैभव गहलोत, टोंक-सवाई माधोपुर से नमोनारायण मीणा, नागौर से ज्योति मिर्धा, श्रीगंगानगर से भरत मेघवाल, भरतपुर से रतन सिंह, राजसमंद से लक्ष्मण सिंह रावत और पाली से बद्री जाखड़ के नाम तय किये गए है। इसके साथ ही चित्तौड़गढ सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.गिरिजा व्यास एवं गोपाल सिंह ईडवा के नाम भी शामिल किए गए है। गहलोत और पायलट किसी एक को ही टिकट दिए जाने पर सहमत है, लेकिन इस बारे में अंतिम फैसला राहुल गांधी ही करेंगे।

जिन सीटों पर नहीं बन पा रही सहमति

जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, कोटा, अजमेर, बीकानेर, चूरू, जालौर-सिरोही, भीलवाड़ा एवं धौलपुर-करौली सीट पर एकल नाम को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान के कारण सहमति बनाने में मुश्किल हो रही है। दोनों ही अपनी-अपनी पसंद के नेता को टिकट दिलाना चाहते है।

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