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लोकसभा चुनाव 2019: मुस्लिम धर्मगुरु और नेता हुए मोदी सरकार के खिलाफ

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ले पंगा न्यूज डेस्क। प्रीति दादूपंथी। लोकसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक पार्टियों ने महागठबंधन और रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। वहीं मंगलवार को मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं ने एक साथ लामबंद होने और सेक्यूलर ताकतों के एक होने की बात कही, जिससे लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मात दी जा सके। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सपा विधायक अबु आजमी से मुलाकात की जिसके बाद वे महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रमुख अशोक छवन से मुलाकात करेंगे और आने वाले चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करने की अपील करेंगे। इसके अलावा वो सपा के लिए एक सीट की भी मांग करेंगे।

ऑल इंडिया उलेमा काउंसिल के महासचिव मौलान महमूद अहमद दरयाबदी का कहना है कि, “हम चाहते है कि सारी सेक्युलर पार्टियां एकजुट हो जाए। सपा महाराष्ट्र में कांग्रेस से एक सीट मांग रही है। अगर सीट मिल जाती है तो हम कांग्रेस और एनसीपी के साथ भी गठबंधन करना चाहेंगे। गठबंधन नहीं होने पर मुस्लिम वोट बट सकते हैं।” पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य सैय्यद अतहर अली का कहना है कि, “पिछली बार की तरह इस बार मुस्लमानों का वोट नहीं बटना चाहिए। पिछले साल मोदी लहर की वजह से कुछ मुस्लिम वोट भी उन्हें गए थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।”

वहीं अबु आजमी का दावा है कि, “सपा के पास दक्षिण मुंबई, भिंवडी, मध्य दक्षिण मुंबई, उत्तर पूर्वी मुंबई और मुंबई उत्तर मध्य में वोट की अच्छी पकड़ है।” हालांकि कांग्रेस इन पांचों सीटों में से सपा को एक भी सीटें देने के लिए राजी नहीं दिख रही है। सपा के रईस शेख का कहना है कि, “कांग्रेस ने हमें उत्तर मुंबई और जालना से चुनाव लड़ने प्रस्ताव दिया है लेकिन समाजवादी पार्टी को यह मंजूर नहीं है।” आपको बता दें कि उत्तर मुंबई की सीट पर गोपाल शेट्टी ने कांग्रेस नेता संजय निरुपम को 2014 में हराया था जिसके बाद बीजेपी के खाते में यह सीट आ गई थी। वहीं जालना सीट भी बीजेपी के कब्जे में है।

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