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लोकसभा में कांग्रेस की हार, इस्तीफों की बढ़ी रफ्तार

राजनीति,

ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। 2019 के लोकसभा चुनाव कांग्रेस को बढ़ी हार मिलने के बाद से कांग्रेस पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लग गई है। पहले अशोक चव्हाण, राज बब्बर, कमलनाथ ने इस्तीफों की पेशकेश की तो अब दो और इस्तीफों की पेशकश आई है। आम चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा और झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। गौरतलब है कि न केवल प्रदेश अध्यक्ष बल्कि हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी खुद पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं।

अमस व झारखंड़ से आया इस्तीफा

2014 के आम चुनाव के बाद एक बार फिर कांग्रेस को करारी हार ने झटका दिया है। पिछले चुनाव की तरह ही इस बार भी पार्टी डबल डिजिट पर ही सिमट गई। पार्टी को पिछली बार जहां 44 सीटें मिली थी वहीं इस बार 52 सीट मिली हैं। करारी हार के बाद पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। जिन राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है उन प्रदेशों के अध्यक्ष हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा राहुल गांधी को भेज रहे हैं। असम के कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने प्रदेश में कुल 14 लोकसभा सीटों में से 3 सीट मिलने के कारण इस्तीफे की पेशकेश की है। असम में बीजेपी को 9 सीटों पर जीत मिली है। दूसरी ओर बात करें झारखंड की तो यहां पर लोकसभा की कुल 14 सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ 1 सीट पर जीत मिली है। और बीजेपी के 11 सीटों पर जीत मिली है। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

चुनाव में पार्टी का खराब प्रदर्शन रहने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण, मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर चुके हैं। इन तीनों राज्यों में कांग्रेस को सिर्फ 1-1 सीटें ही मिली हैं। यूपी में 80 में से 1, महाराष्ट्र में 48 में से 1 और मध्य प्रदेश में 29 में से सिर्फ एक सीट।

मीडिया से दूरी की दी सलाह

कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता देवाशीष जरारिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर इस बात की सलाह दी है कि उनकी पार्टी को मीडिया से दूरी बनानी चाहिए। जरारिया ने अपील करते हुए कहा है कि टीवी डिबेट्स में बैठने के बजाय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गांव-गांव तक जाकर अपनी विचारधारा को पहुंचाना चाहिए। बता दें कि इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी अपनी प्रवक्ताओं की टीम को बर्खास्त कर चुके हैं।

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