लोकसभा 2019 : गृहमंत्री शाह ने कहा संविधान में धारा 370 अस्थाई है, स्थाई नहीं

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ले पंगा न्यूज डेस्क, धीरज सैन। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और मोदी कैबिनेट में गृहमंत्री बने अमित शाह ने शुक्रवार को पहली बार लोकसभा को संबोधित किया। बता दें कि इस दौरान गृहमंत्री शाह ने जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को 6 माह आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। जिसे लोकसभा में पारित कर लिया गया।

गौरतलब हैं कि जब गृहमंत्री शाह ने ये प्रस्ताव लोकसभा में रखा तो उन्हें विपक्षी पार्टी कांग्रेस का विरोध झेलना पड़ा। बाद में शाह ने जवाब देते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और भारत पाकिस्तान बंटवारा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के चले जाने को लेकर खरी खोटी सुनाई। संबोधन में जब अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम लिया तो कांग्रेस सांसदों ने सदन में जमकर हंगामा किया।

गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर समस्या को लेकर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को दोषी ठहराया है। शाह ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की नीतियों का जम्मू कश्मीर की जनता ने काफी दुख झेला है। शाह ने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू कश्मीर की जनता का कल्याण करना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है और उन्हें ज्यादा भी देना पड़ा तो दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने बहुत दुख सहा है।

साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे इलाकों में रह रहे लोगों के लिए भी आरक्षण विधेयक को भी मंजूरी दे दी। शाह ने अपने संबोधनकाल में अनुच्छेद 370 पर भी ज्यादा जोर दिया। उन्होंने अनुच्छेद 370 पर बोलते हुए कहा कि : ये अस्थायी है स्थायी नहीं। अनुच्छेद 370 हमारे संविधान का अस्थायी मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि जो देश को तोड़ना चाहते हैं उनके मन में डर होना चाहिए। जम्मू कश्मीर की आवाम के मन डर नहीं होना चाहिए। साथ ही गृहमंत्री शाह ने कहा कि जब से मोदी सरकारी बनी है तब से आतंकवादियों से कड़ाई से निबटा गया।

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