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विश्व महिला दिवस, गुगल ने बनाया विशेष डूडल, जानिये क्यों है खास –

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ले पंगा न्यूज़ डेस्क, प्रियंका शर्मा । आज का दिन महिलाओं के लिए बेहद खास है और यह दिन केवल महिलाओं के लिए ही क्यों पुरूषों के लिए भी उतना ही खास होना चाहिए। क्योंकि महिलाओं की अहमियत वही व्यक्ति अच्छे से समझ सकता है जिसने नारी शक्ति के प्रति अपना सम्मान जाहिर किया हो. आज पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को नारी सशक्तिकरण और महिलाओं को सम्मान देने के मकसद से मनाया जाता है। इस मौके पर गूगल ने भी खास अंदाज में डूडल बनाकर नारी शक्ति को सम्मान दिया है। गूगल ने स्लाइड्स में लगभग 14 भाषाओं में महिला सशक्तिकरण के प्रेराणदायक कोट्स लिखे हैं।

गुगल ने विशेष डूडल बना जताया नारी सम्मान

इस डूडल के बारे में गूगल का कहना है, ‘हमने लक्ष्य रखा था कि हम दुनिया भर की विविध महिलाओं के अतीत, वर्तमान और भविष्य की आवाज का प्रतिनिधित्व करें।’ पहला कोट अमेरिकन अतंरिक्षयात्री और चिकित्सक ‘जेमिसन’ का है। उनका कहना है, ‘कभी भी दूसरे लोगों की सीमित कल्पनाओं से खुद को सीमित न करें।’ भारतीय मुक्केबाज मैरिकॉम का कहना है, ‘यह मत कहिए कि आप कमजोर हैं क्योंकि आप एक महिला हैं।’ उनके इसी कोट को गूगल ने अपने डूडल में शामिल किया है।

क्यों है महिला दिवस खास, कहां से हुई शुरूवात

महिला दिवस को हम क्यों सेलिब्रेट करते है यह जानना भी हम सबके के लिए बेहद जरुरी है, यह अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक मजदूर आंदोलन से उपजा हुआ शब्द है। इसका बीजारोपण साल 1908 में हुआ था जब 15 हजार औरतों ने न्यूयॉर्क शहर में मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटों की मांग की थी। इसके अलावा उनकी मांग थी कि उन्हें बेहतर वेतन दिया जाए और मतदान करने का अधिकार भी दिया जाए। फिर इस आंदोलन के 1 बाद साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमरीका ने इस दिन को पहला राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया। और महिलाओ की मांगो को ध्यान में रखकर पूरा भी किया गया।

एक महिला की सोच से हुई पहल महिला दिवस की

इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय दिवस बनाने का आइडिया भी एक औरत का ही था। क्लारा जेटकिन ने 1910 में कोपेनहेगन में कामकाजी औरतों की एक इंटरनेशनल कांफ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव दिया। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सबसे पहली थीम ‘सेलीब्रेटिंग द पास्ट, प्लानिंग फॉर द फ्यूचर रखी गई. खास बात यह है कि हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने के लिए एक खास थीम रखी जाती है. इस बार इस दिन के लिए जो थीम रखी गई है उसका नाम है ‘Balance for Better’.

आज महिलाओं ने खुद को पुरूषों से अच्छा किया है साबित

वर्तमान समय में आजाद भारत में आपने कई बार लोगों को महिलाओं के हित और उनके अधिकारों के बारे में बात करते सुना होगा. इतना ही नहीं उनके प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार जताने के लिए महिला दिवस और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जैसे दिन भी मनाए जाते हैं. आज महिलाएं खुद को बेहतर तरीके से व्यक्त कर सकती हैं. लेकिन पहले ऐसा बिल्कुल नहीं था. पहले की महिलाओं को न तो पढ़ने की आजादी दी जाती थी न नौकरी करने और वोट डालने की। लेकिन समय के साथ साथ महिलाओं ने खुद को हर परिस्थिति में पुरुषों से बेहतर साबित कर दिखाया है जिसका परिणाम पूरी दुनिया के समक्ष है..

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सबसे पहली थीम ‘सेलीब्रेटिंग द पास्ट, प्लानिंग फॉर द फ्यूचर रखी गई. खास बात यह है कि हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने के लिए एक खास थीम रखी जाती है. इस बार इस दिन के लिए जो थीम रखी गई है उसका नाम है ‘Balance for Better’.

आज महिलाएं खुद को बेहतर तरीके से व्यक्त कर सकती हैं. लेकिन पहले ऐसा बिल्कुल नहीं था. पहले की महिलाओं को न तो पढ़ने की आजादी दी जाती थी न नौकरी करने और वोट डालने की। लेकिन समय के साथ साथ महिलाओ ने खुद को हर परिस्थिति में पुरुषो से बेहतर साबित कर दिखाया है जिसका परिणाम पूरी दुनिया के समक्ष है..

जेंडर गैप दूर करने के उद्देश्य से मनाया जाता है वीमन डे

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस दुनियाभर के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के जश्न के तौर पर मनाया जाता है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को सम्मान देने के साथ महिला सशक्तिकरण और जेंडर गैप दूर करने के उद्देश्य को ध्यान रखते हुए मनाया जाता है. बता दें, साल 2017 में हुए एक सर्व के अनुसार इस बात का खुलासा किया गया कि महिला-पुरुष के बीच लैंगिक असमानता को खत्म करने में अभी भी 100 साल और लग सकते हैं पर उम्मीद का दामन थामे रखिये। विमेंस जीत आप ही की होगी।

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